ताज़ा खबर
 

अपने दम पर कंपनी खड़ी कर बनाई 288420 करोड़ की संपत्ति, अब उसे ही छोड़ने की बना डाली योजना

जैक मा को चीन के कई घरों में पूजा तक जाता है। उन्होंने लगभग 20 साल पहले 17 अन्य लोगों के साथ मिलकर अलीबाबा की स्थापना की थी। आज इस कंपनी की सलाना कमाई लगभग 250 अरब युआन (40 अरब डॉलर) है।

अलीबाबा के सह संस्थापक जैक मा (Photo: REUTERS)

अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड के अध्यक्ष जैक मा ने बताया कि वह सोमवार को कंपनी में अपनी भूमिका को छोड़ने की योजना बना रहे हैं।  चीन के सबसे अमीर आदमी ने कहा कि वह अलीबाबा के निदेशक मंडल में रहेंगे क्योंकि वह जनकल्याण के कार्यों में लगे रहेंगे। न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए विशेष साक्षात्कार में शुक्रवार को जैक मा ने कहा कि उनकी सेवानिवृत्ति एक युग का अंत नहीं है बल्कि एक युग की शुरुआत है। उन्होंने कहा, “मुझे शिक्षा पसंद है। मैं अपना अधिक समय और पैसा इसी क्षेत्र में लगाऊंगा।” जैक मा ने इस हफ्ते के शुरू में ब्लूमबर्ग से कहा था कि वह अरबपति बिल गेट्स का अनुसरण करते हुए वह अपने नाम पर एक फाउंडेशन बनाकर अधिक से अधिक समय जनसेवा के काम में व्यतीत करना चाहते हैं। उनका मुख्य ध्यान ध्यान शिक्षा पर केंद्रित रहेगा।

वर्ष 2013 में चीफ एक्सक्यूटिव ऑफिसर का पद छोड़ने के बाद पूर्व अंग्रेजी शिक्षक ई-कामर्स, क्लाउड कंप्यूटिंग के माध्यम से हॉलीवुड फिल्म निर्माण और ऑनलाइन पेमेंट वाले 400 बिलियन डॉलर से अधिक बाजार मूल्य के कंपनी का चेहरा बने हुए हैं। जैक मा को चीन के कई घरों में पूजा तक जाता है। कई घरों में आप उनकी तस्वीरों को देख सकते हैं, जहां उन्हें भगवान के समान पूजा जाता है। जैक मा सोमवार (10 सितंबर) को 54 वर्ष के होने जा रहे हैं, इस दिन चीन में राष्ट्रीय अवकाश होता है और इसे चीन में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

ब्लूमबर्ग बिलियनॉयर इंडेक्स के अनुसार उनके पास अभी 40 बिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति है। जैक मा ने लगभग 20 साल पहले 17 अन्य लोगों के साथ मिलकर अलीबाबा की स्थापना की थी। इसी के साथ बिजनेस की दुनिया में प्रवेश किया था। आज वह चीन के स्थापित व्यवसायियों में से एक हैं। अलीबाबा की सालाना कमाई लगभग 250 अरब युआन (40 अरब डॉलर) है।

बता दें कि अलीबाबा ग्रुप ने ‘मिशन मिलियन बुक्स’ के तहत इस साल के अंत तक 10 लाख पुस्तकें दान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दान से एकत्रित पुस्तकें बिना किसी खर्च के शैक्षणिक संस्थानों को वितरित की जाती हैं। परियोजना के तहत बहुत कम समय में ही आठ लाख से अधिक पुस्तकें एकत्र की गई, जिसमें से करीब सात लाख पुस्तकें दान भी की जा चुकी हैं। अलीबाबा ग्रुप ने वर्ष 2016 में इस परियोजना को शुरू किया था, जिसका लक्ष्य पूरे भारत में वंचित तबके के स्कूली और कॉलेज के छात्रों को 10 लाख पुस्तकें दान करना था ताकि उन्हें शिक्षा हासिल करने में मदद मिल सके और इस देश के बच्चे और युवा सशक्त बनें।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App