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मदरसों के छात्रों को बिजनेस के गुर सिखाएंगी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी

युवाओं के लिए इंटरप्रेन्योरशिप के ऊपर एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया है, जहां यूएस राष्ट्रपति की बेटी इवांका 300 अन्य युवाओं में शामिल मदरसे के 18 स्टूडेंट्स को भी बिजनेस के गुर सिखाएंगी।

मदरसों के छात्रों को बिजनेस के गुर सिखाएंगी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी। (photo source – AP)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप अब मदरसे के स्टूडेंट्स को बिजनेस का गुर सिखाएंगी। हैदराबाद में 28 नवंबर से 30 नवंबर के बीच होने वाले ग्लोबल इंटरप्रेन्योर समिट (जीईएस) में अमेरिकी प्रतिनिधमंडल की अगुवाई करने के लिए भारत आ रही इवांका ट्रंप समिट के एक महीने पहले युवाओं को एक दिन के वर्कशॉप में बिजनेस का पाठ पढ़ाएंगी। 27 अक्टुबर को युवाओं के लिए इंटरप्रेन्योरशिप के ऊपर एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया है, जहां यूएस राष्ट्रपति की बेटी इवांका 300 अन्य युवाओं में शामिल मदरसे के 18 स्टूडेंट्स को भी बिजनेस के गुर सिखाएंगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया (टीओआई) के मुताबिक इस वर्कशॉप का आयोजन अमेरिकी वाणिज्य दूतावास, हैदराबाद के मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) और इंडस इंटरप्रेन्योर्स ने मिलकर किया है। इस वर्कशॉप का नाम ‘एजुकेशन टू इंटरप्रेन्योरशिप’ दिया गया है। पहली बार ऐसा होगा कि किसी मदरसे के छात्र बिजनेस की वर्कशॉप का हिस्सा बनेंगे और द इंडस इंटरप्रेन्योरशिप (TiE) के मेंटर्स द्वारा गाइड किए जाएंगे।

MANUU के चांसलर जफर सरेश्वाला ने बताया कि जब उन्होंने यह सुना कि जीईएस-2017 का आयोजन हैदराबाद में होने जा रहा है तब उन्होंने वर्कशॉप के सिलसिले में नीती आयोग और यूएस के अधिकारियों से संपर्क किया। जफर ने कहा, ‘300 युवाओं में से 18 मदरसों के छात्र भी होंगे, जिन्हें बड़े बिजनेस लीडर्स से मिलने का मौका मिलेगा।’ मोदी सरकार द्वारा MANUU के चांसलर के रूप में जफर की नियुक्ती होने से पहले वह एक कारोबारी ही थे। जफर मानते हैं कि यह कहना गलत है कि उद्यमी पैदा होते हैं। उनका कहना है, ‘मदरसों के छात्र भी व्यापारी बन सकते हैं। अगर उन्हें सही जानकारी दी जाए तो वह भी आइडिया को व्यापार में बदल सकते हैं।’

जफर ने बताया कि जो स्टूडेंट्स वर्कशॉप अटेंड करने वाले हैं वे इसे लेकर काफी उत्साहित हैं। हैदराबाद के जामियातुल मोमिनात मदरसे की मुफ्ती तसलीमा नसरीन का कहना है ‘मदरसों में छात्रों को ज्यादा एक्सपोजर नहीं मिलता है। मदरसे धार्मिक विषयों तक सिमट कर रह गए हैं और बिजनेस एजुकेशन का आदेश नहीं है।’ बता दें कि वर्कशॉप में 5 छात्रों को चुना जाएगा और उन्हें बड़ी कंपनियों के साथ काम करने का मौका मिलेगा।

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