इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के युद्ध की आलोचना की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे से बाहर हस्तक्षेपों के बढ़ते और खतरनाक ट्रेंड का हिस्सा भी बताया। हालांकि मेलोनी ने ईरान पर भी निशाना साधा। इटली में मेलोनी के विपक्षियों ने आरोप लगाया था कि उनकी दक्षिणपंथी सरकार अपने सहयोगियों के प्रति बहुत नरम रही है। इसके बाद मेलोनी ने यह बयान दिया।
ईरान को परमाणु हथियार की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए- मेलोनी
स्पेन को छोड़कर ज़्यादातर अन्य यूरोपीय देशों ने अमेरिका और इजरायल के हमलों की सीधी आलोचना करने से परहेज़ किया है। हालांकि इन देशों ने मुख्य रूप से संयम बरतने की अपील की है। मेलोनी के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अच्छे रिश्ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ऐसा होने पर वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर परिणाम होंगे और इससे इटली और यूरोप ईरान से संभावित परमाणु खतरे की चपेट में आ जाएंगे।
बता दें कि युद्ध को 11 दिन बीत चुके हैं। इस बीच अमेरिका और इजरायल ने पूरे मध्य पूर्व में ईरान पर हवाई हमले किए। यह एक ऐसा संघर्ष है जिसने दुनिया की तेल और गैस आपूर्ति के 20% फ्लो को रोक दिया है।
ईरान इजरायल युद्ध पर संसद को संबोधित करते हुए मेलोनी ने पश्चिम एशिया संघर्ष और रूस के 2022 में यूक्रेन पर किए गए आक्रमण के बीच समानताएं बताईं। उन्होंने कहा कि उस आक्रमण ने व्यापक वैश्विक अस्थिरता को जन्म दिया था। उन्होंने सीनेट से कहा, “अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में संरचनात्मक संकट के इसी संदर्भ में जहां खतरे लगातार और अधिक भयावह होते जा रहे हैं, और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे से बाहर एकतरफा हस्तक्षेपों की संख्या बढ़ रही है। हमें ईरानी शासन के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली हस्तक्षेप को भी इसी नज़रिए से देखना चाहिए।”
खाड़ी देशों में हज़ारों की संख्या में इतालवी नागरिक मौजूद
मेलोनी ने कहा कि देश उन खाड़ी देशों को एयर डिफेंस उपलब्ध करा रहा है, जिन पर ईरान की ओर से हमले हुए हैं। उन्होंने कहा, “ऐसा न केवल इसलिए है क्योंकि ये देश इटली के मित्र राष्ट्र और रणनीतिक साझेदार हैं, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि उस क्षेत्र में हज़ारों की संख्या में इतालवी नागरिक मौजूद हैं, जिनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इसके अलावा यह तथ्य भी महत्वपूर्ण है कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग 2,000 इतालवी सैनिक भी तैनात हैं।” पढ़ें पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच पाकिस्तान का बड़ा कदम
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अमेरिका और इजरायल के द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद ईरान के कुछ हिस्सों में काले रंग की बारिश होने की खबरें सामने आई हैं। कुछ खबरों में इसे “अम्लीय बारिश” कहा गया है। पढ़ें पूरी खबर
