अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई समझौता हो या न हो, ‘उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता’। इधर दोनों देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दो सप्ताह के लिए सीजफायर के तहत बात कर रहे हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए, डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़ा रुख अपनाया और दावा किया कि इस संघर्ष में अमेरिका पहले ही विजयी हो चुका है।

‘मुझे फर्क नहीं पड़ता’

उन्होंने कहा, “हम ईरान के साथ बहुत गहरी बातचीत कर रहे हैं। अब इसका नतीजा जो भी निकले, जीत हमारी ही होगी। हमने उन्हें
सैन्य संर्घष में हरा दिया है, चाहे हमारी डील हो या न हो, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि हम जीत चुके हैं।”

डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका की सेना ने ईरान की सैन्य क्षमता को लगभग खत्म कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने दावा किया, “हमने उनकी एयरफोर्स, एयरक्राफ्ट, रडार, नेवी सभी को परास्त कर दिया है और उनके टॉप लीडर भी मारे जा चुके हैं।”

चीन को भी चेतावनी दी

इसके अलावा उन्होंने ईरान को चीन द्वारा दिए जा रहे हथियारों के रिपोर्ट के बीच बीजिंग को चेतावनी भी दी। ईरान को हवाई रक्षा प्रणाली की संभावित खेप भेजे जाने की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “अगर चीन ने ऐसा किया तो उसे बहुत बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सामान को किसी तीसरे देश के जरिए भेजा जा सकता है जिससे इसके असली स्रोत का पता न चल सके। यह खबर उस वक्त आई है, जब अगले महीने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हो सकती है।

पाकिस्तान में चल रही बात

इसी बीच, पाकिस्तान में देर रात तक अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत चली, पर अभी तक दोनों पक्ष किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। अधिकारियों का कहना है कि अभी बातचीत जारी है, लेकिन यह थोड़ा जटिल बना हुआ है, खासकर होमुर्ज जलमार्ग पर नियंत्रण का मुद्दा, जो तेल आवाजाही के लिए वैश्विक मार्ग है।

ईरानी शासन समर्थित मीडिया ने अमेरिका के प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताया और अमेरिका पर अत्यधिक मांग करने का आरोप लगाया, जिसमें होमुर्ज जलमार्ग भी शामिल हैं।

हालांकि, एक पाकिस्तान के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि दो दौर के बातचीत के बात अब वार्ता सही दिशा में चल रही है।

इस वार्ता को काफी अहम माना जा रहा है जिससे इस अस्थायी सीजफायर को टिकाऊ समझौते में तब्दील किया जा सके। हालांकि दोनों पक्षों की तीखी बयानबाजी से यह प्रक्रिया नाजुक स्थिति में दिखाई दे रही है।

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अमेरिकी और ईरानी नेतृत्व के बीच इस्लामाबाद में बैठक होने वाली है। ये डील युद्ध खत्म करने के लिए हो रही है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के युद्ध में हजारों लोगों की मौत हुई और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में भी रुकावट आई है। दोनों पक्षों में कुछ खास चीजों पर चर्चा करने की उम्मीद है। ईरान का कहना है कि औपचारिक बातचीत तभी शुरू हो सकती है जब अमेरिकी, लेबनान में सीज़फ़ायर पर वादा करे और ईरान पर लगे बैन हटाए। आगे की खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें