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HIV पॉजिटिव शख्‍स के शरीर से खत्‍म हो गया एड्स का वायरस, पूरी दुनिया का सिर्फ दूसरा वाकया

एचआईवी संक्रमित रहे ये दोनों मरीज रक्त कैंसर से पीड़ित थे और उनका अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण किया गया था।

Author Updated: March 5, 2019 6:40 PM
तस्वीर का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Photo: REUTERS)

लाइलाज एवं जानलेवा बीमारी एड्स का उपचार खोज रहे अनुसंधानकर्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। लंदन में एक व्यक्ति के स्टेम सेल प्रत्यारोपण के बाद एचआईवी संक्रमण से मुक्त होने का मामला सामने आया है। स्टेम सेल प्रत्यारोपण के बाद एड्स विषाणु से मुक्त होने का यह पूरी दुनिया का दूसरा मामला है। इससे पहले बर्लिन में भी एक मरीज इस विषाणु से छुटकारा पा चुका है।

पत्रिका ‘नेचर’ के अनुसार अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के इससे छुटकारा पाने का पहला पुष्ट मामला 10 साल पहले सामने आया था। इसके बाद अब लंदन में यह मामला सामने आया है जिसमें प्रत्यारोपण के करीब 19 महीनों बाद भी व्यक्ति में विषाणु का कोई संकेत नहीं मिला।

एचआईवी संक्रमित रहे ये दोनों मरीज रक्त कैंसर से पीड़ित थे और उनका अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण किया गया था। उन्हें एक ऐसे दुर्लभ आनुवंशिक उत्परिवर्तन वाले लोगों के स्टेम सेल प्रतिरोपित किए गए जो एचआईवी के प्रतिरोध में सक्षम है।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रवींद्र गुप्ता और उनकी टीम ने इस बात पर जोर दिया कि अस्थि मज्जा प्रतिरोपण एक खतरनाक एवं कष्टदायक प्रक्रिया है। यह एचआईवी उपचार का व्यावहारिक विकल्प नहीं है, लेकिन स्टेम सेल प्रत्यारोपण से एड्स विषाणु से छुटकारा मिलने का दूसरा मामला सामने आने के बाद वैज्ञानिकों को इसका उपचार खोजने में काफी मदद मिल सकती है।

पीटर डोहर्ती इंस्टीट्यूट फॉर इन्फेक्शन एंड इम्युनिटी के निदेशक शैरोन आर लेविन ने कहा, “दूसरा मामला इस विचार को मजबूत करता है कि उपचार संभव है। उपचार के तौर पर अस्थि मज्जा प्रतिरोपण व्यावहारिक नहीं है, लेकिन इससे उपचार की अन्य पद्धति खोजने में मदद मिल सकती है।”

बता दें कि एचआईवी की वजह से हर साल करीब 10 लाख लोगों की जान जाती है। एचआईवी संक्रमण पूरे विश्व में एक बड़ी समस्या बन चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 3.5 करोड़ लोगों की इस वजह से मौत हो चुकी है। इस समस्या से ग्रसित लोगों की सबसे ज्यादा संख्या अफ्रीका में है। पूरे विश्व के 3.7 करोड़ लोग एचआईवी वायरस की चपेट में हैं, जिनमें 70 फीसदी सिर्फ अफ्रीका के रहने वाले हैं। वर्ष 2017 में करीब 18 लाख लोग इस वायरस की चपेट में आ गए।

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