इजरायल की गोली से मारी गई सात महीने की सैम फहद अबू हैकल को शनिवार को दफनाया गया। फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक में अपने परिवार के साथ घर लौटते समय उसके सिर में गोली मारी गई थी। हालांकि इजरायल की सेना का इस मामले को लेकर कहना है कि एक जवान ने यह गोली तब चलाई जब उसे लगा कि एक गाड़ी तेजी से उनकी ओर आ रही है।
जबकि सैम फहद के परिवार का कहना है कि कार बहुत पहले ही रुक चुकी थी और उनसे कोई खतरा नहीं था।
यह गोलीबारी हेब्रोन के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक, तेल रुमेइदा में हुई, जहां भारी सैन्य सुरक्षा के बीच फिलिस्तीनी निवासियों के साथ इजराइली बसने वाले भी रहते हैं।
शनिवार को दफनाया गया
शनिवार को सैम के अंतिम संस्कार का जूलूस निकला। उसके पिता फहद फिलीस्तीनी झंडे में लिपटे बच्ची के शव को कब्रिस्तान ले जा रहे थे। इस दौरान उनके साथ काफी लोग शोक मना रहे थे।
आईडीएफ ने जताया अफसोस
हालांकि इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने माना है कि घायल लोग आम नागरिक थे जिनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं था और इस पर उनकी तरफ से गहरा दुख भी जताया गया, लेकिन सैम के परिवार ने इस सफाई को मानने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि गोली चलाना कोई गलती नहीं हो सकती।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार शाम फहद अबू हैकल बेथलहम में दिन बिताने के बाद अपनी पत्नी, दो बच्चों और माँ के साथ घर लौट रहे थे। वे हेब्रोन के तेल रुमेइदा इलाके में एक इजराइली चेकपॉइंट के पास पहुँच ही रहे थे कि तभी गोलीबारी हुई।
एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में, IDF ने कहा कि इलाके में ऑपरेशन चला रहे सैनिकों को एक गाड़ी तेजी से अपनी ओर आती हुई दिखी। बयान के मुताबिक, एक सैनिक ने गाड़ी पर सिंगल शॉट चलाकर प्रतिक्रिया दी; साथ ही यह भी बताया गया कि शुरुआती जांच में पता चला कि घायल लोग ऐसे नागरिक थे जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। सेना ने कहा कि घटना की समीक्षा की जा रही है और ऐसे लोगों को हुए नुकसान पर गहरा दुख जताया।
गाड़ी रुकी हुई थी फिर चलाई गई गोली
हालांकि परिवार का इस घटना के बारे में नजरिया इससे अलग है। फहद अबू हैकल और उनकी माँ फिरयाल अबू हैकल ने बीबीसी और द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि जब सैनिक पास आए, तो गाड़ी पहले ही रुक चुकी थी। फहद ने बीबीसी को बताया कि गाड़ी रोकने के बाद उन्होंने अपने हाथ ऊपर उठा लिए थे। परिवार ने कहा कि इसके बाद गोलियाँ चलीं। उन्होंने कहा,‘यह कोई गलती नहीं हो सकती’
फहद ने बीबीसी को बताया कि लगभग 10 मीटर दूर खड़े एक सैनिक ने गाड़ी की तरफ गोली चलाई। उन्होंने कहा, “गोली सामने वाली विंडशील्ड को भेदती हुई मेरे हाथ से गुजरी और फिर मेरे बेटी के सिर और मेरी पत्नी के चेहरे पर लगी।” इसके बाद में अस्पताल में सैम की मौत हो गई, जबकि उसकी माँ का इलाज चल रहा है।
बच्ची की दादी फिरयाल अबू हैकल ने न्यूयार्क टाइम्स से बात करते हुए कहा कि कार रुकने के बाद उन्होंने गोली चलने की दो आवाजें सुनीं। उन्होंने मीडिया से कहा, “कम से कम चेतावनी के लिए तो गोली चलानी चाहिए थी। हम गाड़ी पीछे करके चले जाते। इसके बजाय, उन्होंने सीधे हम पर गोली चला दी।”
यह कोई गलती नहीं हो सकती- बच्ची का परिवार
आईडीएफ के अफसोस जताने की बात को खारिज करते हुए फहद ने बीबीसी से कहा, “जब एक से ज्यादा गोलियां चलाई जाएं, जब कोई वॉर्निंग शॉट न हो और कोई चेतावनी भी न दी गई हो, तो यह कोई गलती नहीं हो सकती।”
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