प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इजरायल के राष्ट्रपति इसाहक हर्ज़ोग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें इजरायल में कितना प्यार और सम्मान मिला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान, नवाचार, शिक्षा, संस्थागत सहयोग और कृषि के क्षेत्र में इजरायल का काम हमेशा सराहनीय रहा है। भारत ने इजरायली तकनीक का उपयोग किया है और इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने कृषि क्षेत्र में इजरायल से बहुत कुछ सीखा है। विशेष रूप से जल प्रबंधन और आधुनिक सिंचाई तकनीक में सहयोग उल्लेखनीय रहा है।

इजरायली राष्ट्रपति ने कहा कि मध्य पूर्व और वैश्विक परिदृश्य में भारत एक बड़ी ताकत के रूप में उभर रहा है। उन्होंने भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने सुझाव दिया कि राष्ट्रपति हर्ज़ोग जब भारत आएं तो वे केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों का भी दौरा करें, ताकि दोनों देशों के आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत हो सकें। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया।

इससे पहले इजरायल की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस प्रतिष्ठित सदन के सामने खड़ा होना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। मैं भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर और एक पुरानी सभ्यता के प्रतिनिधि के तौर पर दूसरी सभ्यता को संबोधित करते हुए ऐसा कर रहा हूँ। मैं अपने साथ 140 करोड़ भारतीयों का अभिवादन और दोस्ती, सम्मान और साझेदारी का संदेश लाया हूँ।

मोदी ने कहा कि मेरा जन्म उसी दिन हुआ था जिस दिन भारत ने इज़राइल को आधिकारिक मान्यता दी थी, 17 सितंबर, 1950। मैं भारत के लोगों की तरफ से हर उस जान और हर उस परिवार के लिए गहरी संवेदनाएं रखता हूं जिनकी दुनिया 7 अक्टूबर को हमास के बेरहम आतंकवादी हमले में तबाह हो गई। हम आपका दर्द समझते हैं, हम आपके दुख में शामिल हैं। भारत इस समय और आगे भी पूरे भरोसे के साथ इज़रायल के साथ मजबूती से खड़ा है। पूरी खबर के लिए यहां क्लिक करें