अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा बाद एक और बड़ी खबर सामने आई है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल-लेबनान वार्ता अगले सप्ताह वाशिंगटन में होने की उम्मीद है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को इजरायल द्वारा लेबनान पर किए गए हमलों में 300 से अधिक लोग मारे गए और 1,100 से अधिक लोग घायल हो गए।

इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा था, “इजरायल के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के लिए लेबनान के बार-बार किए गए अनुरोधों के मद्देनजर, मैंने कल मंत्रिमंडल को निर्देश दिया कि लेबनान के साथ जल्द से जल्द सीधी बातचीत शुरू की जाए।”

वहीं, ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने फार्स न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा के तुरंत बाद गुरुवार रात को युद्धविराम उल्लंघन की घटना पर इस्लामिक गणराज्य ईरान जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार था, लेकिन वार्ताकार पाकिस्तान के हस्तक्षेप के बाद उसने ऐसा नहीं किया।

खातिबजादेह ने कहा कि अमेरिका को लेबनान पर इजरायली हमलों को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्रीय शांति में लेबनान को शामिल किया जाना चाहिए और आने वाले घंटों को नाजुक बताया।

मंत्री ने पुष्टि की कि ईरान का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को इस्लामाबाद में होने वाली आगामी शांति वार्ता में भाग लेगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वार्ता के लिए अपने दामाद जेरेड कुशनर, उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और स्टीव विटकॉफ को भेज रहे हैं।

इससे पहले ईरान के उप विदेश मंत्री ने इजरायल पर लेबनान पर अचानक हमला करने का आरोप लगाया और कहा कि यह युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन है।

खातिबजादेहने बीबीसी के टुडे कार्यक्रम में कहा, “यह एक तरह का नरसंहार था, जो इजरायल की सरकार ने लेबनान में युद्धविराम स्वीकार होने के तुरंत बाद किया। उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन को “युद्ध और युद्धविराम” में से किसी एक को चुनना होगा, क्योंकि दोनों एक साथ संभव नहीं हैं।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को इजरायल के लेबनान पर हुए हमलों में 200 से अधिक लोग मारे गए और 1000 से ज्यादा घायल हुए। इजरायली सेना ने गुरुवार को भी अपने हमले जारी रखे और घोषणा की कि उसने हिज्बुल्लाह नेता नईम कासिम के सहयोगी और भतीजे अली यूसुफ हर्षी को मार गिराया है।

जब ईरानी उप विदेश मंत्री से पूछा गया कि क्या तेहरान भी हिज्बुल्लाह से इजरायल की ओर रॉकेट दागना बंद करने को कहेगा, तो खातिबजादेह ने दावा किया कि ईरान समर्थित इस समूह ने सीजफायर का पालन किया था।

खातिबजादेह ने कहा कि तेहरान ने बुधवार देर रात व्हाइट हाउस को बिलकुल साफ संदेश भेजा। जिसका सार यह था कि आप एक ही समय में दोनों चीजें नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि आपने सीजफायर के लिए कहा कि सारे नियम और शर्तें मानीं। लेबनान समेत उन सभी इलाकों में इसके लागू होने की बात मानी और फिर आपके सहयोगी ने लेबनान में जनसंहार शुरू कर किया।

उन्होंने कहा कि जो समझौता हुआ, “जिसे ट्रंप ने एक व्यावहारिक फ्रेमवर्क कहा था”, उसके अनुसार ईरान, वॉशिंगटन और उनके सहयोगियों को सीजफायर का पालन करना था। उन्होंने दावा किया कि हिज्बुल्लाह ने काफी हद तक इसका पालन किया था।

होर्मुज जलमार्ग कब खुलेगा?

होर्मुज जलमार्ग को लेकर ईरान की चेतावनी और उसके खुलने पर खातिबजादेह ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करेगा, साथ ही यह भी दलील दी कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग ओमान और ईरान के क्षेत्रीय जल सीमा का हिस्सा है और दोनों देशों ने पहले ‘सद्भावना’ के तहत सुरक्षित मार्ग की अनुमति दी थी।

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका अपनी ‘आक्रामकता’ से पीछे हटता है, तो ईरान सुरक्षित मार्ग के लिए सुरक्षा देगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब है कि ईरान जहाजों से गुजरने के लिए शुल्क नहीं लेगा या उन्हें धमकाएगा नहीं, तो मंत्री ने कहा कि ईरान चाहता है कि यह जलमार्ग ‘शांतिपूर्ण’ रहे, लेकिन उन्होंने जोड़ा कि सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए, ताकि ‘युद्धपोतों के लिए इसका गलत इस्तेमाल’ न हो, ईरान को ओमान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ एक प्रोटोकॉल पर काम करना होगा।

इससे पहले, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को फोन करके लेबनान पर इजरायली हमलों को तुरंत रोकने के लिए इस्लामाबाद से समर्थन का अनुरोध किया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी। जैसा कि अल जजीरा ने बताया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह समूह ईरान के साथ हस्ताक्षरित युद्धविराम समझौते का हिस्सा नहीं है।

बता दें, 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से तेहरान ने प्रभावी रूप से उस होर्मुज समुद्री मार्ग को रोक दिया। जिससे आमतौर पर दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और लिक्विड नेचुरल गैस गुजरती है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। हालांकि, दो हफ्ते का सीजफायर इस शर्त पर तय हुआ था कि होर्मुज फिर से खुलेगा, ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि हिज़्बुल्लाह के खिलाफ जारी इजरायली हमलों के कारण यह अब भी बंद है।

शहबाज शरीफ ने एक्स पर पोस्ट किया था युद्धविराम का संदेश

अमेरिका-ईरान सीजफायर से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक्स पर मंगलवार को जो पोस्ट किया था, उसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय को पहले से थी। पाक पीएम ने यह पोस्ट व्हाइट हाउस से मंजूरी मिलने के बाद ही एक्स पर पोस्ट की थी। अमेरिका स्थित न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की रिपोर्ट ने ऐसा दावा किया। इसके बाद यह सवाल खड़ा हो गया कि क्या वाशिंगटन ने युद्धविराम की घोषणा करने से पहले इस्लामाबाद का इस्तेमाल एक संकेत के रूप में किया था। पढ़ें पूरी खबर…