इजरायल और लेबनान ने सीजफायर को 45 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमति जताई है। वाशिंगटन में दो दिनों की बातचीत के बाद दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा कि 16 अप्रैल को हुए युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा, ताकि आगे की प्रगति संभव हो सके। अमेरिका ने इजरायल और लेबनान के बीच दो दिनों तक चली बेहद सार्थक वार्ता की मेजबानी की, जो कल समाप्त हुई।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पिगोट ने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग 2-3 जून को वार्ता के राजनीतिक चरण को फिर से शुरू करेगा। इसके अलावा, दोनों देशों के सैन्य प्रतिनिधिमंडलों के साथ 29 मई को पेंटागन में एक सुरक्षा चरण भी शुरू किया जाएगा।

पिगोट ने आगे कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि इन चर्चाओं से दोनों देशों के बीच स्थायी शांति, एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पूर्ण मान्यता और उनकी साझा सीमा पर वास्तविक सुरक्षा स्थापित करने में मदद मिलेगी।

इस बीच, इजरायली वायु सेना ने लेबनान में ईरान समर्थित सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह से जुड़े बुनियादी ढांचे पर अपना हमला जारी रखा। इजरायली वायु सेना ने कहा कि पिछले सप्ताह के दौरान, उन्होंने दक्षिणी लेबनान के विभिन्न क्षेत्रों में हिजबुल्लाह के 440 से अधिक ठिकानों पर हमला किया।

इसके अलावा, इस क्षेत्र में हिजबुल्लाह से जुड़े 220 से ज्यादा लड़ाके भी मारे गए। इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने कहा कि अभियान की शुरुआत से ही आईडीएफ सैनिकों ने 400 से ज्यादा लड़ाके को मार गिराया और हिजबुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 1,000 से ज्यादा हथियार बरामद किए।

युद्धविराम शुरू होने के बाद से लेबनान की दक्षिणी सीमा पर हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच गोलीबारी की खबरें लगभग रोजाना आती रही हैं। हाल के दिनों में इजरायल ने अपने हवाई और तोपखाने के हमलों को तेज कर दिया है, खासकर दक्षिणी लेबनान में, यह कहते हुए कि वह हिजबुल्लाह लड़ाकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा था।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायल पर नागरिकों और पैरामेडिक्स को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जिसे इजरायल ने नकार दिया है। इजरायली सेना का कहना है कि वह भविष्य में हिजबुल्लाह के हमलों को रोकने के लिए दक्षिणी लेबनान में एक बफर जोन बनाने का लक्ष्य रख रही है।

इन क्षेत्रों में, इजरायली सेना द्वारा गाजा में अपनाई गई इसी तरह की रणनीति के तहत पूरे-पूरे गांव नष्ट कर दिए गए हैं। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि कुछ मामले युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं, जिसे इजरायल नकारता है। हिजबुल्लाह ने लेबनान और उत्तरी इजराइल में इजरायली सैनिकों पर रॉकेट और ड्रोन से हमले किए हैं।

दक्षिणी लेबनान देश के शिया समुदाय का गढ़ है, जहां से हिजबुल्लाह को अपना अधिकांश समर्थन मिलता है और यह लगातार इजरायली बमबारी के अधीन रहा है। लेबनान भर में दस लाख से अधिक लोग, यानी आबादी का पांचवां हिस्सा, अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं, जिनमें से अधिकांश दक्षिण, पूर्वी बेका घाटी और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों, जिन्हें दहिएह के नाम से जाना जाता है। ये वे क्षेत्र हैं जहां हिजबुल्लाह का दबदबा है।

यह संघर्ष 2 मार्च को शुरू हुआ, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमला शुरू करने के दो दिन बाद। हिजबुल्लाह ने इजराइल पर रॉकेट दागे, और इजराइल ने व्यापक हवाई हमलों और दक्षिणी लेबनान पर जमीनी आक्रमण के साथ जवाब दिया। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, तब से लेबनान में कम से कम 2,896 लोग मारे जा चुके हैं। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि इसी अवधि में 18 सैनिक और चार नागरिक मारे गए हैं।

चाबहार बंदरगाह सुनहरा दरवाजा और सहयोग का प्रतीक, उम्मीद है इसे विकसित करना जारी रखेगा भारत: अरागची

भारत दौरे पर आए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने शुक्रवार को अपने देश के चाबहार बंदरगाह को एक सुनहरा दरवाजा और सहयोग का प्रतीक बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत इस रणनीतिक बंदरगाह को विकसित करना जारी रखेगा। पढ़ें पूरी खबर।