अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरानी सेना के जहाज (IRIS Dena) को सबमरीन से निशाना बनाया। अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हिंद महासागर में एक अमेरिकी सबमरीन ने एक ईरानी वॉरशिप को डुबो दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी वॉरशिप को एक टॉरपीडो के जरिए डुबो दिया गया। यह घटना ईरान के तट से लगभग 2000 मील दूर हुई। भारतीय नौसेना के पूर्व उप-प्रमुख सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार ने श्रीलंका तट के पास ईरानी युद्धपोत आईरिस देना के डूबने को भारत के लिए दुखद बताया। हालांकि, भारतीय नौसेना ने अभी तक इस घटना पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

रिटायर्ड वाइस एडमिरल अशोक कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि समुद्री क्षेत्र में युद्ध क्षेत्र पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “यह हमारे लिए बेहद दुखद है कि यह घटना उस समय घटी जब जहाज भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से लौट रहा था। समुद्री क्षेत्र में युद्ध या युद्ध क्षेत्र की कोई पाबंदी नहीं होती और भारत से रवाना होने के बाद ही युद्ध शुरू हुआ।”

IRIS Dena ने पिछले महीने भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (IFR) और मिलान-2026 नामक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया था। सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल कुमार ने बताया कि यह घटना श्रीलंका के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में घटी इसलिए वे तुरंत खोज और बचाव अभियान में जुट सके। उन्होंने कहा, “सीमा के इतने करीब होने से शायद उन्हें किसी खतरे का आभास हो गया था।”

अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध में बढ़ा तनाव

नौसेना के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में शांतिपूर्ण मार्ग पर चल रहे ईरानी युद्धपोत को गिराने के लिए अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किया गया हमला, अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध में एक बड़ा तनाव है। भारतीय नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “जहाज शांतिपूर्ण मार्ग पर था और वह संघर्ष क्षेत्र में नहीं था। भले ही अमेरिका ने अपनी कार्रवाई को उचित ठहराया हो लेकिन यह चल रहे युद्ध में एक बड़ा तनाव है।”

ईरानी युद्धपोत को गिराने के लिए अमेरिकी पनडुब्बी का हमला

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने drill’s वेबसाइट के हवाले से बताया कि ईरान का यह युद्धपोत बंगाल की खाड़ी में 18 फरवरी से 25 फरवरी तक एक नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद लौट रहा था। ईरान के विदेश मंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा कि श्रीलंका के तट पर एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी नौसैनिक पोत को डुबोकर अमेरिका ने जो उदाहरण पेश किया है, उसे उस पर अत्यधिक पछतावा होगा।

अब्बास अराघची ने ‘एक्स’ पर कहा, ”लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे और भारत की नौसेना के अतिथि पोत ‘फ्रिगेट देना’ पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। मेरी बात याद रखना, अमेरिका ने जो उदाहरण पेश किया है, उसे उस पर अत्यधिक पछतावा होगा।” ईरानी पोत हाल में भारत द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था।

भारत ने अयातुल्लाह खामेनेई की मौत पर जताया शोक

भारत ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर शोक जताया है। गुरुवार दोपहर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास पहुंचे और वहां रखी गई श्रद्धांजलि पुस्तिका में भारत की तरफ से हस्ताक्षर किए और संवेदना व्यक्त की। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें