ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का आज छठा दिन है। इस सबके बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और पश्चिम एशिया में उसके सहयोगी ईरान के शाहेद ड्रोन का मुकाबला करने में यूक्रेन की मदद चाहते हैं। जेलेंस्की ने बुधवार देर रात कहा कि अमेरिका समेत कई देशों ने ईरानी ड्रोन हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन से मदद मांगी है।

जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने हाल के दिनों में संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत के नेताओं से संभावित सहयोग के बारे में बात की है। रूस ने लगभग चार साल पहले अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला करने के बाद से उस पर हजारों शाहेद ड्रोन दागे हैं। ईरान ने भी अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमलों के जवाब में इसी प्रकार के ड्रोन दागे हैं।

ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में अमेरिका ने मांगी सहायता

जेलेंस्की ने कहा कि ईरान के ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में अमेरिका की सहायता तभी की जायेगी जब इससे यूक्रेन की अपनी सुरक्षा कमजोर न हो और इससे रूसी आक्रमण को रोकने के लिए कीव के राजनयिक प्रयासों को बल मिले। उन्होंने कहा, ”हम उन लोगों को युद्ध से बचाने में मदद करते हैं जो हमारी मदद करते हैं, यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध का न्यायपूर्ण अंत करने में मदद करते हैं।”

ईरान ने पूरे क्षेत्र में हमले करने के लिए सस्ते, आत्मघाती ड्रोनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। अमेरिका और उसके सहयोगियों के पास हाइटेक एयर डिफेंस सिस्टम हैं जो अधिकांश आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को रोक सकता हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार , इन प्रणालियों की कीमत बहुत अधिक है। टेक्सास स्थित ड्रोन निर्माता कंपनी हायलियो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक आर्थर एरिक्सन ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया, “ड्रोन को मार गिराना, उसे आसमान में उड़ाने से कहीं अधिक महंगा है। इसका समाधान है, अपने खुद के सस्ते इंटरसेप्टर ड्रोन बनाना। अमेरिका ठीक यही करने की कोशिश कर रहा है- ईरानी ड्रोनों को अपने बजट के भीतर अपनी युद्ध रणनीति के अनुरूप ढालने के लिए उनका पुनर्निर्माण कर रहा है।

ईरान के शाहेद ड्रोन

अमेरिका और इजरायल द्वारा वीकेंड में किए गए हमलों के बाद से ईरान ने कथित तौर पर 2000 से अधिक एकतरफा ड्रोन तैनात किए हैं। अरबों डॉलर के हवाई रक्षा तंत्रों की मौजूदगी के बावजूद, इनमें से कुछ ड्रोन अपने लक्ष्यों तक पहुँचने में सफल रहे हैं।

ईरान में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली प्रणालियों में त्रिकोणीय आकार के शाहेद ड्रोन शामिल हैं। लगभग 11 फीट लंबे ड्रोन के आगे के हिस्से में विस्फोटक लगे होते हैं जो टकराते ही फट जाते हैं। ट्रकों से लॉन्च किए जाने के लिए पर्याप्त रूप से कॉम्पैक्ट होने के कारण, इन्हें छिपाना आसान है और इनका पता लगाना मुश्किल है। शाहेद-136 का लंबी दूरी तक मार करने वाला वेरिएंट लगभग 2500 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है, जिससे मध्य पूर्व के अधिकांश हिस्सों में हमले करना संभव हो जाता है।

शाहेद ड्रोन को बनाने में कितना खर्च आएगा?

एनबीसी न्यूज के अनुसार , व्यावसायिक रूप से उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक्स का उपयोग करके निर्मित, प्रत्येक शाहेद ड्रोन के उत्पादन की लागत मॉडल के आधार पर 30,000 डॉलर से 50,000 डॉलर के बीच होने का अनुमान है। रूस ने यूक्रेन में इस्तेमाल के लिए शाहेद ड्रोन का अपना संस्करण बड़े पैमाने पर तैयार किया है। माना जाता है कि ईरान ने भी इसके हजारों संस्करण बनाए हैं।

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार को एक ब्रीफिंग में वित्तीय दबाव को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “हमने हर तरह के यूएएस (अमेरिकी वायु सुरक्षा तंत्र) विरोधी सिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है।” उन्होंने प्रभावी रक्षा प्रणालियों को बनाए रखने की उच्च लागत पर जोर दिया।

सस्ते समाधानों की तलाश

अमेरिकी सेना ने लागत कम करने के उद्देश्य से ड्रोन रोधी वैकल्पिक तकनीकों को तैनात किया है। सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेथियॉन की कोयोट प्रणाली जो अन्य ड्रोनों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए ड्रोनों का उपयोग करती है, उसकी अनुमानित कीमत लगभग 126,500 डॉलर प्रति इंटरसेप्टर है। हालांकि यह PAC-3 मिसाइल से काफी सस्ती है, फिर भी यह शाहेद मिसाइल से कई गुना अधिक महंगी है। मिसाइल डिफेंस एडवोकेसी एलायंस के अध्यक्ष और संस्थापक रिकी एलिसन ने कहा, “वे अपने काम को पूरा करने के लिए सबसे सस्ती गोली का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।”

यूक्रेन की ड्रोन-रोधी तकनीक

ड्रोन को निष्क्रिय करने या उनका मार्ग बदलने के लिए डिज़ाइन की गई माइक्रोवेव और लेजर-आधारित तकनीकें भी शामिल हैं। ये विकल्प आमतौर पर मिसाइल इंटरसेप्टर की तुलना में अधिक किफायती होते हैं लेकिन इनकी प्रभावशीलता अलग-अलग होती है और कुछ नागरिक बुनियादी ढांचे को बाधित कर सकते हैं।

वहीं, यूक्रेन में रूसी रणनीति में हो रहे बदलावों के अनुरूप ड्रोन-रोधी तकनीक लगातार विकसित होती रही हैं। यूक्रेनी सेना ने नीचे उड़ान भरने वाले ड्रोनों के विरुद्ध मछली पकड़ने के जाल और बंदूकों जैसे बुनियादी उपायों का भी सहारा लिया है, हालांकि ये ऐसे तरीके हैं जिन्हें बड़े पैमाने पर विश्वसनीय रूप से लागू करना मुश्किल है।

‘ईरान ने रूस से सैन्य सहायता नहीं मांगी’, रूसी राष्ट्रपति कार्यालय का बयान

ईरान ने रूस से सैन्य सहायता नहीं मांगी है। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों का सामना कर रहे ईरान ने रूस से सैन्य सहायता नहीं मांगी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें