ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह खाड़ी अरब के अपने पड़ोसियों पर हमले जारी रखेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना उसकी इजाजत के गुजरने वाले जहाजों पर हमला करेगा। ईरान का कहना है कि वह इसकी मदद से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ दबाव बनाएगा। इस बीच अमेरिकी और इज़रायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद समुद्री जोखिम में तीव्र बढ़ोत्तरी का संकेत देते हुए, वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही निलंबित कर दी है। इसके साथ ही इन कंपनियों ने युद्ध जोखिम बीमा कंपनियों (war risk insurance firms) ने पश्चिम एशिया में चलने वाले जहाजों के लिए कैंसिलेशन नोटिस जारी करने में तेज़ी दिखाई है।

ईरान द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए जवाबी हमलों के बाद बढ़ते तनाव के चलते प्रमुख कंटेनर वाहकों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों को या तो रोक दिया है या स्वेज नहर से यातायात को दूसरे मार्ग पर मोड़ दिया है। इस बीच बीमा सूत्रों के अनुसार अगर युद्ध लंबे समय तक चलता है तो बीमा लागत में भारी वृद्धि होने की आशंका है।

जहाजों के लिए बढ़ेगी बीमा लागत प्रति यात्रा

एक रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों के लिए युद्ध जोखिम प्रीमियम जो पहले जहाज का प्रतिस्थापन मूल्य (vessel replacement value) का लगभग 0.25% था, अब 50% तक बढ़ने की उम्मीद है। इसका मतलब होगा कि 100 मिलियन डॉलर के जहाज के लिए बीमा लागत प्रति यात्रा 250,000 डॉलर से बढ़कर 375,000 डॉलर हो जाएगी। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली बंदरगाहों पर आने वाले जहाजों के लिए प्रीमियम जो पहले जहाज के मूल्य का लगभग 0.1% था भी इसी अनुपात में बढ़ सकता है क्योंकि बीमाकर्ता आगे की जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हो रहे हैं ।

कई कंपनियों ने पश्चिम एशिया के लिए कार्गो बुकिंग अगले आदेश तक निलंबित की

मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (एमएससी) ने हाल ही में घोषणा की कि उसने पश्चिम एशिया के लिए वैश्विक स्तर पर सभी कार्गो बुकिंग को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। इससे पहले, एमएससी ने खाड़ी में चल रहे या उसकी ओर जा रहे जहाजों को निर्दिष्ट सुरक्षित आश्रय क्षेत्रों में जाने का निर्देश दिया था। विश्व की तीसरी सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग कंपनी सीएमए सीजीएम ने भी इसी तरह मध्य पूर्व खाड़ी में मौजूद या वहां से गुजर रहे सभी जहाजों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया और स्वेज नहर से सभी आवागमन निलंबित कर दिए। कई ग्लोबल शिपिंग कंपनियों और चार्टरर्स ने भी जहाजों को जलमार्ग से बचने का आदेश दिया है।

ईरान ने किया जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने का दावा

इस बीच ट्यूनीशिया में ईरान के राजदूत मीर मसूद होसैनियन ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईरानी नौसैनिक बलों ने जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है और हमारी तेल अवसंरचना पर हमलों के जवाब में सटीक हमले किए हैं। दुनियाभर में जितने तेल का कारोबार होता है, उसका पांचवां हिस्सा फारस की खाड़ी से हिंद महासागर की ओर जाने वाले इस जलमार्ग से ही गुजरता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा ईरान की संप्रभुता के सम्मान पर निर्भर है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने घोषणा की कि वह ईरान युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बीच रूसी तेल पर प्रतिबंधों में और ढील देने के लिए कदम उठा रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने अन्य देशों को इस समय समुद्र में फंसे रूसी तेल की खरीद की अस्थायी अनुमति दिए जाने की घोषणा की है।

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