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पाकिस्तान: रावलपिंडी जेल से रिहा होंगे नवाज शरीफ, इस्लामाबाद HC ने सस्पेंड की जेल की सजा

कोर्ट ने सजा के निलंबन का फैसला शरीफ परिवार और कैप्टर सफदर के द्वारा 6 जुलाई को कोर्ट के द्वारा सुनाए गए फैसले के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने उनकी याचिकाओं को भी सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।

Author September 19, 2018 5:28 PM
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज। फाइल फोटो

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लिए बुधवार (19 सितंबर) का दिन बेहद राहत भरा संदेश लेकर आया है। जियो न्यूज के मुताबिक, इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज और दामाद रिटायर्ड कैप्टन मुहम्मद सफदर की एवेनफील्ड मामले में जेल की सजा निलंबित की है।

कोर्ट ने सजा के निलंबन का फैसला शरीफ परिवार और कैप्टर सफदर के द्वारा 6 जुलाई को कोर्ट के द्वारा सुनाए गए फैसले के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने उनकी याचिकाओं को भी सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। कोर्टरूम में मौजूद पीएमएल नवाज के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और खुशी का इजहार किया। ये बताना प्रासंगिक होगा कि जवाबदेह न्यायालय का फैसला अभी भी अक्षुण्ण रहेगा। हाई कोर्ट ने सिर्फ तीनों आरोपियों की सजा को स्थगित भर किया है।

सजा निलंबन के बाद, नवाज, मरियम और कैप्टन सफदर को औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जेल से रिहा कर दिया जाएगा। ये अभी भी साफ नहीं है कि कि वे आज ही रिहा होंगे या कुछ दिनों बाद रिहा होंगे। इन सभी को जमानती बांड के तौर पर करीब 3.62 करोड़ रुपये भी जमा करने होंगे। विपक्ष के नेता और नवाज के छोटे भाई, शहबाज शरीफ ने इस फैसले के आने के बार सूरा अल इसरा की आयत साझा करते हुए लिखा, ”सच आ चुका है और झूठ जा चुका है। जो भी इस प्रकृति में झूठा होगा उसे जाना होगा।”

जवाबदेह न्यायालय ने 6 जुलाई को एवेनफील्ड प्रॉपर्टी मामले में अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आय से अधिक संपत्ति के मामले में 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। जबकि एक साल का दंड कोर्ट और अधिकारियों के साथ सहयोग न करने के ​कारण दिया गया था। नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज को 7 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। मरियम को ये सजा अपने पिता की संपत्तियों को छिपाने में मदद करने और न्यायालय को बहकाने के जुर्म में सुनाई गई थी।

एक साल का कारावास ब्यूरो के साथ असहयोग के लिए दिया गया था। फैसले के मुताबिक, मरियम नवाज को अपने ​पिता को मदद करने, सहायता करने, बढ़ावा देने, कोशिशों में सहयोग देने और षडयंत्र में शामिल होने पर ये सजा सुनाई गई थी। फैसले में इस बात का भी उल्लेख किया गया था कि मरियम ने कोर्ट में जाली ट्रस्ट डीड भी दाखिल की थी। नवाज शरीफ के दामाद को एक साल कैद की सजा सुनाई गई थी। ये सजा उन्हें जांच एजेंसियों के साथ सहयोग न करने के लिए सुनाई गई थी।

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