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ISIS लड़ाके की ‘बीवी’ बोली- सेक्‍स गुलामों का रेप जायज, ‘कुरआन में इसकी इजाजत है’

आईएसआईएस आतंकी की पत्नी ने कहा, 'क्योंकि मुसलमान में पवित्र किताब कुरआन में युद्ध कैदियों को संपत्ति के रूप परिभाषित किया गया है, उनका इस्तेमाल वस्तुओं के रूप में किया जा सकता है।'

Author Updated: March 17, 2019 7:32 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फोटो सोर्स एपी)

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) संगठन से जुड़े आतंकी की पत्नी ने यजीदी गुलाम महिलाओं से रेप को जायज बताया है। महिला ने कहा कि सेक्स गुलामों के रूप में यजीदी महिलाओं का बलात्कार किया जा सकता है, क्योंकि युद्ध कैदियों को कुरआन में जायदाद बताया गया है। हालांकि अपने इस कथन से पहले महिला ने कहा कि उसने खुद कुरआन में यह बात नहीं पढ़ी है। डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक अज्ञात महिला एक अन्य महिला से बात कर रही थी जिसमें महिला ने उससे पूछा कि कथित खिलाफत में यजीदी महिलाओं संग किस तरह व्यवहार किया जाता है। डेली मेल ने लिखा कि महिला ने मोबाइल फोन के कैमरे पर बात करते हुए यह बात कही। उसने कुरआन की अपनी व्याख्या को यजीदी महिलाओं से बलात्कार और हत्या के रूप वर्णित किया, जिन्हें सेक्स गुलाम के रूप में ले जाया गया था।

आईएसआईएस आतंकी की पत्नी ने कहा, ‘क्योंकि मुसलमान में पवित्र किताब कुरआन में युद्ध कैदियों को संपत्ति के रूप परिभाषित किया गया है, उनका इस्तेमाल वस्तुओं के रूप में किया जा सकता है।’ महिला जब पूछा गया कि क्या कुरआन में वास्तव में ऐसा सचमुच लिखा गया कि युद्ध कैदियों के साथ इस तरह का व्यवहार करना चाहिए? महिला ने कहा कि इस्लामिक किताब के बारे में उसे ज्यादा जानकारी नहीं है।

वास्तव में इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरआन की सुरा 24 के 33वें संस्करण में साफतौर पर लिखा गया है कि अपनी दास-लड़कियों को इस बात के लिए मजबूर ना करें कि आप दुनिया के जीवन का आनंद ले सकते हैं। कुरआन के ही अन्य पाठ में इस्लाम को मानने वालो को अल्लाह के प्यार के लिए कैदियों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया गया है। हालांकि कुछ कट्टरपंथी इस्लामिक विद्वान महिला दासी रखने को सही ठहराते हैं।

काला बुर्का पहने और चश्मा लगाए महिला ने आगे कहा, ‘इस्लाम धर्म में यह बलात्कार नहीं है। क्योंकि ये तो आपकी संपत्ति है।’ माना जा रहा है कि महिला इराक और सीरिया के बाहर की निवासी है। महिला ने देश के उत्तर में कुर्द कब्जे वाले रिफ्यूजी कैंप पर टिप्पणी भी की। महिला ने कहा कि वे युद्ध बंदी थे और गुलाम बन गए। यह कुरआन में है। वो संपत्ति हैं और इस्लाम इनके इस्तेमाल की इजाजत देता है। इस्लाम में यह बलात्कार नहीं है। क्योंकि वो आपकी प्रोपर्टी है, वो आपके गुलाम हैं।

बाद में महिला ने कहा कि अगर ऐसा कुरआन में कहा गया है तो वो खुद कौन होती है इसपर सवाल उठाने वाली। इस दौरान महिला से पूछा गया कि क्या कुरआन में ऐसा लिखा है। इसके जवाब में वो हंसने लगी और हंसते हुए जवाब दिया, ‘कुरआन के बारे में बहुत जानकारी नहीं है।’

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