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इस्‍लामिक स्‍टेट का आखिरी गढ़ भी ढहा, पर हाथ न लगा 172 करोड़ का इनामी बगदादी

आतंकी सगठन आईएसआईएस के मुखिया अल बगदादी का ठिकाना अभी भी रहस्य बना हुआ है। उसके सर पर सरकार ने 25 मिलियन डॉलर ( 1,72,92,62,500 रुपए) का इनाम भी रखा गया है।

Author Updated: March 24, 2019 1:12 PM
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने एयरफोर्स वन विमान पर सवार पत्रकारों को बताया कि सीरिया में आईएस के खलीफा शासन का अंत हो गया है। (Source: Reuters)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार (22 मार्च, 2019) को घोषणा की कि सीरिया में इस्लामिक स्टेट के अधिकार क्षेत्र वाले सभी इलाकों को मुक्त करा लिया गया है। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि गठबंधन सेना और संगठन के लड़ाकों के बीच जमीनी स्तर पर छिटपुट लड़ाई जारी है। सीरिया के बागुज में आईएस के आखिरी गढ़ के नेस्तनाबूद हो जाने से इस्लामिक स्टेट संगठन के स्वघोषित खलीफा शासन का भी अंत हो जाएगा। सीरिया और इराक के बड़े भू-भाग पर आईएसआईएस का एक समय में खासा प्रभाव था। इस इलाके में कब्जा होने से उसे दुनिया भर में हमलों को अंजाम देने के लिए जगह मिल गई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, ‘‘वह घड़ी आ गई है’’ जब अमेरिका और गठबंधन सेना के अभियान के बाद आतंकवादी समूह का क्षेत्र में कहीं भी नियंत्रण नहीं है। गठबंधन सेना के साथ अमेरिका का अभियान पांच साल तक चला। इस दौरान कम से कम 100,000 बमों का इस्तेमाल हुआ और अनगिनत नागरिक मारे गए। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने एयरफोर्स वन विमान पर सवार पत्रकारों को बताया कि सीरिया में आईएस के खलीफा शासन का अंत हो गया है।

इसके अलावा कुर्द नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज के प्रवक्ता मुस्तफा बाली ने ट्वीट कर कहा, ‘‘बागुज मुक्त हो गया और आईएस के खिलाफ सैन्य जीत हासिल कर ली गई।’’ बागुज में आईएस के कब्जे वाले इलाके को मुक्त कराने के साथ ही आतंकवादियों के स्वयंभू खलीफा का अंत हो गया है। आईएस ने इलाके में अपने कब्जे के दौरान बड़े पैमाने पर नरसंहार किया और इनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया। साल 2014 में इराक के सिंजार क्षेत्र में आतंक मचाने के दौरान उसने यजीदी धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की हजारों महिलाओं और लड़कियों को बंधक बनाया और उन्हें यौन दास बनने के लिए मजबूर किया। इनमें से कई आज तक लापता हैं। आईएस का अब सीरिया या इराक में किसी भी क्षेत्र पर कब्जा नहीं है, लेकिन वह अब भी इन दोनों देशों में आतंकवादी हमले कर रहा है।

हालांकि आतंकी सगठन आईएसआईएस के मुखिया अल बगदादी का ठिकाना अभी भी रहस्य बना हुआ है। उसके सर पर सरकार ने 25 मिलियन डॉलर ( 1,72,92,62,500 रुपए) का इनाम भी रखा गया है। पिछले कुछ सालों में उसकी मौत के बारे में कई दावे किए गए। मगर सच्चाई क्या है किसी को मालूम नहीं। सार्वजनिक रूप से बगदादी को साल 2014 में देखा गया। तब से अभी तक उसके कई शीर्ष सहयोगी मारे जा चुके हैं। एपी की रिपोर्ट मुताबिक बगदादी 1971 में इराक के समारा में हुआ। आईएस से जुड़ी वेबसाइट के मुताबिक उन्हें इराक में अमेरिकी सेना ने उसे हिरासत में लिया और फरवरी 2004 में बुक्का जेल भेज दिया गया था। (जनसत्ता ऑनलाइन इनपुट सहित)

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