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मोसूल के पाताल कुएं में दफन हैं हजारों लाशें, जिंदा भी फेंक देते थे ISIS आतंकी

ISIS के आतंकी बगावत करने वाले लोगों को खड़ा कर गोली मार देते और कईयों को 100 फीट चौड़े सिंकहोल में दफ़न कर देते।

कहा जाता है कि सद्दाम हुसैन ने भी अपने कई विरोधियों को इस कुएं में मार कर फेंक दिया था। सांकेतिक फोटो ( photo source- AP)

ISIS के कब्जे से आजाद होने के बाद इराक़ से सामूहिक नरसंहार और कत्ल की कई ख़ौफ़नाक कहानियां सामने आ रही हैं। इनमें से सबसे दर्दनाक है मोसूल में एक 100 फीट चौड़े सिंकहोल में लोगों को ज़िंदा दफ़न कर देने का कहानी। पिछले महीने जब इराक़ के मोसूल शहर पर इराक़ी सुरक्षाबलों का कब्जा हुआ तो शहर से सटे मरुस्थल के बीचों बीच लोगों ने दृश्य देखा वो रुह कंपा देने के लिए काफी था। ISIS आतंकी इस सिंकहोल के मुहाने पर बगावत करने वाले लोगों को खड़ा कर गोली मार देते थे। और कईयों को इसमें ज़िंदा धक्का देकर सदा-सदा के लिए मौत की नींद सुला दिया जाता था।

इराक़ी सुरक्षाबलों ने बताया कि लगभग ढ़ाई साल पहले जैसे ही ISIS ने इस इलाक़े पर अपना कब्ज़ा जमाया, ये सिंकहोल मौत की सज़ा देने के लिए कुख्यात जगह बन गई। एनडीटीवी डॉट कॉम के मुताबिक ISIS आतंकी कई बार ट्रकों में लाशें भरकर लाते और इस सिंकहोल में डाल देते। मोसूल के स्थानीय नागरिक पहले भी दबी जुबान से आतंकियों की करतूत बताते थे।लेकिन तब ISIS के ख़ौफ़ से कोई कुछ भी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं था। लेकिन जब इराक़ी सुरक्षा बलों ने इस जगह पर अपना अधिकार जमाया तो हत्या और नरसंहार की कहानियां सामने आने लगीं। लोगों से मिली सूचनाओं के आधार पर इराकी सुरक्षाकर्मी बताते हैं कि इस सिंकहोल में हजारों लोगों की लाशें मौजूद हो सकती हैं।

लेकिन लेकिन इस सिंकहोल का वास्तविक रहस्य जानने में इराकी सेना को सालों लग सकते हैं। वहां के स्थानीय लोग बताते हैं कि इस सिंक होल की गहराई का पता किसी को नहीं है, इसमें कितना पानी है इसकी भी जानकारी नहीं है। इसके अलावा ISIS आतंकियों ने जो सबसे ख़तरनाक काम किया है वो ये है कि उन्होंने कई लाशों के साथ विस्फोटकों का जखीरा भी इस कुएं में डाल दिया है। इसलिए यहां खुदाई का काम फिलहाल असंभव है। मौत का प्रतीक ये कुआ इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के समय में भी चर्चा में था। कहा जाता है कि सद्दाम हुसैन ने भी अपने कई विरोधियों को इस कुएं में मार कर फेंक दिया था।

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