अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ओमान ने वॉशिंगटन को भरोसा दिलाया है कि उसकी ईरान के साथ मिलकर होर्मुज जलमार्ग पर किसी भी तरह की टोल व्यवस्था लागू करने की प्लानिंग नहीं है। खाड़ी देश वह अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बेसेंट ने बताया कि उनकी ओमानी राजदूत से बातचीत हुई जिसमें उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज जलमार्ग पर टोल लगाना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। बेसेंट के मुताबिक ओमान ने आश्वासन दिया कि वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता जिससे लोगों की सुरक्षा या देश की अर्थव्यवस्था को खतरा हो।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज सुबह मेरी ओमान के राजदूत से बात हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि होर्मुज जलमार्ग पर टोल लगाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ उनका 200 वर्षों से अच्छे संबंध हैं और वे अगले 200 साल भी ऐसे ही संबंध चाहते हैं। मैंने उनसे साफ कहा कि यह बिल्कुल स्वीकार नहीं होगा और वे भी नहीं चाहते कि ओमानी नागरिकों या वित्तीय संस्थानों पर अमेरिकी प्रतिबंध लगें।”
अमेरिका ने कार्रवाई की दी थी चेतावनी
यह बयान ऐसे समय आया है जब स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में ओमान को चेतावनी दी थी कि अगर वह ईरान के साथ मिलकर होर्मुज जलमार्ग में टोल व्यवस्था लागू करने में किसी भी तरह शामिल हुआ, तो अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और संबंधित पक्षों पर कार्रवाई की जाएगी।
बेसेंट ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था, “अमेरिकी सरकार होर्मुज जलमार्ग में किसी भी टोल व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगी। खासकर ओमान को समझना चाहिए कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ऐसे किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस व्यवस्था को लागू करने में शामिल होंगे। सभी देशों को ईरान की उन कोशिशों को खारिज करना चाहिए जो वैश्विक व्यापार के फ्री फ्लो को बाधित करती हैं।”
होर्मुज जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यह इलाका लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच टकराव का केंद्र बना हुआ है।
बेसेंट के इस पोस्ट के एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ओमान को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह इस रणनीतिक जलमार्ग से जुड़े किसी समझौते में हस्तक्षेप न करे। ट्रंप ने उस विचार को भी खारिज कर दिया था जिसमें ईरान और ओमान को इस मार्ग पर नियंत्रण देने की बात कही गई थी।
ईरान की संस्था पर प्रतिबंध लगाया
ट्रंप ने कहा था, “ओमान को बाकी देशों की तरह व्यवहार करना होगा, वरना हमें कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी।” बता दें कि बुधवार को अमेरिका ने ईरान की “पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी” (PGSA) पर भी प्रतिबंध लगाए। अमेरिका का आरोप है कि यह संस्था होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से “अवैध वसूली” करती है और उससे मिलने वाला राजस्व ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) तक पहुंचाया जाता है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, ईरान ने इस संस्था का गठन उन जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए किया था जो होर्मुज जलमार्ग से गुजरना चाहते हैं। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि PGSA, IRGC और उसकी नौसेना के साथ मिलकर जहाजों से “अवैध टोल” वसूलती है।
वहीं, सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा था कि ईरान और ओमान जलमार्ग से जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए एक नई व्यवस्था विकसित करने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सेवाओं के लिए कुछ शुल्क लिया जाना “स्वाभाविक” है।
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