इराकी सुरक्षा बलों ने खूंखार आतंकी सामी जसीम को पकड़ा, इस्लामिक स्टेट (ISIS) के संस्थापक अबू बक्र अल-बगदादी के खास सहयोगियों में था शामिल

जसीम अमेरिका में वांछित था। इसकी जानकारी मुहैया कराने वाले को 5 मिलियन डॉलर (करीब 37 करोड़ रुपये) का इनाम देने की पेशकश की गई थी, जिसके बाद इसे पकड़ा जा सका।

Iraq Forces, ISIS Terrorist
ISIS आतंकी सामी जसीम को इराक ने पकड़ लिया है। (Picture via SITE)

इराक के प्रधान मंत्री ने सोमवार (11 अक्टूबर) को घोषणा की कि इस्लामिक स्टेट (आईएस) का एक वरिष्ठ सदस्य और इसके संस्थापक अबू बक्र अल-बगदादी का करीबी सहयोगी इराकी सुरक्षा बलों द्वारा संचालित अब तक के “सबसे कठिन” सीमा पार खुफिया अभियानों में से एक में पकड़ लिया गया था। इराकी सुरक्षा बलों द्वारा किए गए इस अभियान के बारे में अभी और कोई विवरण नहीं दिया गया है।

इराक के प्रधान मंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “गिरफ्तार आईएस ऑपरेटिव सामी जसीम है, जो आतंकवादी संगठन के वित्तीय मामलों का प्रभारी हुआ करता था और अल-बगदादी का उप सहयोगी था।

अल-कदीमी ने ट्विटर पर पोस्ट किया, “जब हमारे इराकी सुरक्षा बलों (ISF) के नायक चुनावों में ध्यान केंद्रित किए थे, तब इनके सहयोगी इराकी राष्ट्रीय खुफिया सेवाएं (INIS) खुंखार आतंकी सामी जसीम को पकड़ने के लिए एक कठिन मुहिम में जुटे हुए थे। ईराक और हमारे बहादुर नायक जिंदाबाद।”

इससे पहले अक्टूबर 2019 में संयुक्त राज्य अमेरिका के विशेष बल आईएस के स्वयंभू “खलीफा” अल-बगदादी को पकड़ने के बहुत करीब थे, तभी उसने खुद को गोली से उड़ा दिया था। खूंखार आतंकी जसीम को पकड़े जाने के अभियान का कोई विस्तृत विवरण तुरंत उपलब्ध नहीं हो सका है। हालांकि अल जज़ीरा के मुताबिक इराकी सरकार “इसे एक बड़ी उपलब्धि मानती है। क्योंकि सामी जसीम इराक और सीरिया में कई घटनाओं के लिए जिम्मेदार था।”

एसोसिएटेड प्रेस ने अज्ञात इराकी खुफिया अधिकारियों के हवाले से बताया कि जसीम, जिसे हाजी हामिद के नाम से भी जाना जाता है, को एक पहचाने गए विदेशी देश में हिरासत में लिया गया और कुछ दिन पहले इराक ले जाया गया। बीबीसी में एक रिपोर्ट ने समाचार एजेंसी एएफपी की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें एक वरिष्ठ इराकी सैन्य सूत्र के हवाले से कहा गया था कि जसमी को तुर्की में पकड़ा गया था।

हालांकि बीबीसी के मुताबिक दोबारा इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। तुर्की के अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली है। जसीम अमेरिका में वांछित था। इसकी जानकारी मुहैया कराने वाले को 5 मिलियन डॉलर (करीब 37 करोड़ रुपये) का इनाम देने की पेशकश की गई थी, जिसके बाद इसे पकड़ा जा सका।

स्टेट डिपार्टमेंट के रिवार्ड्स फॉर जस्टिस वेब साइट पर जसीम के बायो में कहा गया है: “सामी जसीम मुहम्मद अल-जबुरी, जिसे हाजी हामिद के नाम से भी जाना जाता है, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) का एक वरिष्ठ नेता है और ISIS के पूर्ववर्ती संगठन इराक में अल-कायदा (AQI) का एक उत्तराधिकारी सदस्य है। मुहम्मद अल-जबुरी ISIS के आतंकवादी अभियानों के लिए वित्तीय प्रबंधन में सहायक रहा है।

“2014 में दक्षिणी मोसुल में आईएसआईएस डिप्टी के रूप में सेवा करते हुए, उसने कथित तौर पर आईएसआईएस के वित्त मंत्री के समकक्ष के रूप में काम किया। इस दौरान उसने तेल, गैस, पुरावशेषों और खनिजों की अवैध बिक्री से समूह के राजस्व-सृजन कार्यों की निगरानी भी की।

“अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उसे सितंबर 2015 में एक विशेष नियम के तहत उसे वैश्विक आतंकी के रूप में नामित किया। इस नियम में आतंकवादियों और आतंकी कृत्यों को समर्थन देने वालों पर वित्तीय प्रतिबंध लगाया जाता है।”

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