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फिर बढ़ी तनातनी! US ठिकानों पर दागे गए 8 रॉकेट, 4 जवान घायल, डॉनल्ड ट्रंप बोले- ईरान को घुटने टेकने पर कर देंगे मजबूर

एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार ईरान द्वारा किए गए हमले पर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि वह इराकी एयरबेस पर एक और मिसाइल हमले से "नाराज" हैं।

ईरान के एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार इराक स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से तनातनी बढ़ती दिख रही है। इराक की राजधानी बगदाद से उत्तर में स्थित अमेरिकी सैनिकों की तैनाती वाले इराकी एयरबेस पर आठ रॉकेट दागे गए हैं। इस हमले में चार स्थानीय सैनिक घायल हो गए हैं। इराक की सेना ने रविवार को यह जानकारी दी। सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, अल-बलाद एयरबेस पर कात्युसा श्रेणी के आठ रॉकेट गिरे। हमले में दो इराकी अधिकारी और दो पायलट घायल हुए हैं। अल-बलाद इराक की एफ-16 के लिए मुख्य एयरबेस है। इन विमानों को इराक ने अपनी हवाई क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिका से खरीदा है।

इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे। ट्रंप ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बताया कि प्रतिबंधों और विरोध प्रदर्शनों ने ईरान का “दम घोंट दिया” है। ईरान को हम इस वजह से बातचीत के लिए मजबूर करेंगे। अगर वे बातचीत के लिए तैयार होते हैं तो मैं उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दूंगा। यह पूरी तरह उनके ऊपर निर्भर है लेकिन परणामु हथियार नहीं और ‘अपने प्रदर्शनकारियों को नहीं मारने’ की बात मानना होगा।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि इस एयरबेस पर अमेरिकी वायुसेना की छोटी टुकड़ी और अमेरिकी ठेकेदार रहते थे, लेकिन पिछले दो सप्ताह में अमेरिकी-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर ज्यादा अमेरिकी यहां से पहले ही जा चुके हैं। सूत्रों में से एक ने बताया, ‘‘अमेरिकी सलाहकारों में से करीब 90 प्रतिशत और सैलीपोर्ट तथा लॉकहीड एंड मार्टिन के कर्मचारी धमकियों के बाद ताजी और एर्बिल जा चुके हैं।’’ उक्त दोनों कंपनियां विमानों की मरम्मत का काम करती हैं। सूत्र ने बताया, ‘‘अल-बलाद में बमुश्किल 15 अमेरिकी सैनिक और एक विमान है।’’ हाल के महीनों में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती वाले शिविरों पर रॉकेटों और मोर्टार से लगातार हमले हो रहे हैं। हालांकि इन हमलों में ज्यादातर इराकी सैनिक ही घायल होते हैं, लेकिन पिछले महीने एक अमेरिकी ठेकेदार भी मारा गया था।

एएफपी के अनुसार एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार ईरान द्वारा किए गए हमले पर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि वह इराकी एयरबेस पर एक और मिसाइल हमले से “नाराज” हैं क्योंकि पड़ोसी ईरान ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने की इच्छा व्यक्त की थी। पोम्पेयो ने ट्वीट किया, “एक इराकी एयरबेस पर एक और रॉकेट हमले की रिपोर्ट से नाराज हूं। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” रविवार के रॉकेट हमलों के लिए जिम्मेदारी का तत्काल दावा नहीं किया गया था। अमेरिका ने पहले इराक में ईरान समर्थित समूहों पर ऐसे हमलों का आरोप लगाया है। (भाषा इनपुट के साथ)

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