Tension in Middle East: ईरान-इजरायल युद्ध और अमेरिका के आक्रामक हमलों के बीच मिडिल ईस्ट में संकट की स्थिति है। ऐसे में गल्फ क्षेत्र के समंदर में जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इसको लेकर ही इराक ने बड़ा कदम उठाया है। सरकारी अधिकारियों के हवाले से इराकी सरकारी मीडिया ने बताया कि उसके जलक्षेत्र के पास टैंकरों पर हमलों के बाद गुरुवार को इराकी बंदरगाहों पर तेल टर्मिनलों ने परिचालन निलंबित कर दिया है।

सरकारी स्वामित्व वाली ‘जनरल कंपनी फॉर पोर्ट्स ऑफ इराक’ (GCPI) के महानिदेशक फरहान अल-फरतौसी ने इराकी समाचार एजेंसी (INA) को बताया कि तेल बंदरगाहों का संचालन निलंबित कर दिया गया है, जबकि वाणिज्यिक बंदरगाहों का संचालन जारी है। INA की रिपोर्ट के अनुसार जहाज प्रतीक्षा क्षेत्र में बने हुए हैं और उत्तर तथा दक्षिण उम्म कासर बंदरगाहों पर लोडिंग और अनलोडिंग जारी है।

तेल टैंकर पर बड़ा हमला

जानकारी के मुताबिक, यह निर्णय तब लिया गया, जब इराकी स्टेट ऑर्गनाइजेशन फॉर मार्केटिंग ऑफ ऑयल (SOMO) द्वारा इराकी ऑयल टैंकर्स कंपनी को आपूर्ति के लिए रवाना पेट्रोलियम उत्पादों से भरा एक टैंकर की गई थी हमल का शिकार हो गया। इसको लेकर अल-फरतौसी ने कहा कि जहाज शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर क्षेत्र में ईंधन आपूर्ति टैंक ले जा रहा था और लोडिंग की प्रक्रिया में था, तभी वह एक विस्फोट की चपेट में आ गया।

फरतैसी ने बताया कि इसमें शामिल छोटे टैंकरों में से एक पर “माल्टा का झंडा” लगा है। SOMO इराक की राष्ट्रीय कंपनी है जो देश के कच्चे तेल और ईंधन तेल के विपणन और निर्यात के लिए जिम्मेदार है। बगदाद में मुख्यालय वाली यह कंपनी अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को बिक्री का प्रबंधन करती है।

अभी भी हताहतों की तलाश जारी

इराकी समाचार एजेंसी के अनुसार, कंपनी की बचाव टीमों ने SDS क्षेत्र में नौसैनिक इकाइयों के साथ समन्वय करते हुए 38 लोगों को बचाया, जिनमें से एक की मौत की पुष्टि हो गई है। जहाजों पर लगी आग बुझाने के लिए बसरा ऑयल पोर्ट से विशेष अग्निशमन टग तैनात किए गए, जबकि खोज और बचाव दल लापता चालक दल के सदस्यों की तलाश जारी रखे हुए हैं।

UKMTO ने जारी की चेतावनी

इससे पहले यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने उत्तरी खाड़ी में कई वाणिज्यिक जहाजों से जुड़ी गंभीर समुद्री घटना के बाद एक तत्काल “ATTACK” (हमले) की चेतावनी जारी की थी। X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए अपडेट के अनुसार, UKMTO ने कहा कि उसे इराक के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अल बसरा से 5 समुद्री मील दक्षिण” में एक घटना की रिपोर्ट मिली थी।

कंपनी सुरक्षा अधिकारी (CSO) और एक तीसरे पक्ष से प्राप्त जानकारी ने शुरुआत में संकेत दिया कि दो टैंकरों पर अज्ञात प्रक्षेप्य (projectile) से हमला किया गया है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक प्रभावित जहाज के CSO ने पुष्टि की कि हमले के कारण बोर्ड पर आग लग गई है। नुकसान के बावजूद, अधिकारी ने बताया कि “चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बाद में पुष्टि की गई कि दूसरे टैंकर को भी महत्वपूर्ण क्षति हुई है और वहां भी आग लगी थी, लेकिन उसके सभी सदस्य सुरक्षित निकाल लिए गए।

एजेंसी ने कहा कि फिलहाल पर्यावरण पर किसी प्रभाव की सूचना नहीं है। इस बीच, UKMTO ने एक सुरक्षा निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि जहाजों को सावधानी के साथ पार करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है। UKMTO ने संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली से 35 समुद्री मील उत्तर में भी एक घटना की सूचना दी, जहां एक कंटेनर जहाज पर अज्ञात प्रक्षेप्य से हमला हुआ था, जिससे छोटी आग लग गई थी।

इराक का समुद्री बुनियादी ढांचा कैसा है?

GCPI इराक में पांच प्रमुख बंदरगाहों का प्रबंधन और संचालन करता है। इनमें उम्म कासर नॉर्थ पोर्ट, उम्म कासर साउथ पोर्ट, खोर अल-जुबैर पोर्ट, अबू फ्लूस पोर्ट और माकिल पोर्ट शामिल हैं। अल-फॉ ग्रैंड पोर्ट अभी निर्माणाधीन है। इसके अलावा, इराक के पास तेल निर्यात के लिए दो offshore बंदरगाह और चार सिंगल-पॉइंट मूरिंग (SPM) बंदरगाह हैं।

इराक मुख्य रूप से दो अपतटीय तेल टर्मिनलों यानी अल बसरा ऑयल टर्मिनल (ABOT) और खोर अल अमाया ऑयल टर्मिनल (KAAOT), के जरिए से कच्चे तेल का निर्यात करता है।

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अहमदाबाद में सिलेंडर ले जाते लोग। (AP Photo/Ajit Solanki)

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