क्रेमलिन ने कहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को फोन पर बातचीत की है। इस दौरान पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा हुई है। क्रेमलिन ने कहा कि पेजेश्कियन ने पुतिन को पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता की जानकारी दी और तनाव घटाने के मकसद से मॉस्को द्वारा अपनाये गए रुख के लिए धन्यवाद दिया।

क्रेमलिन ने यह भी कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन ने संकट का कूटनीतिक समाधान निकालने और पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित करने में मदद करने के लिए अपनी तत्परता का उल्लेख किया।

इससे पहले अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को इस्लामाबाद में ईरानी वार्ताकारों के साथ शांति वार्ता की थी। यह शांति वार्ता विफल रही, जिसके बाद दो सप्ताह के लिए लागू सीजफायर के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दोनों पक्ष वार्ता फेल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।

जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान परमाणु हथियार छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।

अमेरिकी नौसेना नाकेबंदी करेगी- ट्रंप

किसी समझौते पर न पहुंच पाने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोले जाने की संभावना कम हो गई हैं। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के प्रवेश या निकलने को रोकने के लिए तत्काल नाकेबंदी शुरू करेगी।

ट्रंप ने ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों की पहचान करने और उन्हें रोकने का निर्देश दिया है जिन्होंने ईरान को शुल्क (टोल) का भुगतान किया है। उन्होंने कहा, ”जो कोई भी अवैध टोल का भुगतान करेगा, उसे समुद्र में सुरक्षित आवागमन की इजाजत नहीं मिलेगी।” ट्रंप ने दावा किया कि अन्य देश भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की इस नाकेबंदी में शामिल होंगे।

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दो खाली सुपरटैंकरों ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होते हुए फारस की खाड़ी में प्रवेश करने का प्रयास किया लेकिन अंतिम समय में उन्हें यू-टर्न लेना पड़ा। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।