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बुर्के का विरोध करने वाली महिलाओं का केस लड़ने वाली वकील को 38 साल की जेल और 150 कोड़ों की सजा

ईरान में मानवाधिकार वकील नसरीन सोतेदेह को देश के खिलाफ षड्यंत्र, जासूसी और ईरान के शीर्ष नेतृत्व का अपमान करने के सात अलग-अलग मामलों में 33 साल की जेल और 148 कोड़े मारने की सजा दी गई है। नसरीन ईरान में बुर्के का विरोध करने वाली महिलाओं का केस लड़ चुकी हैं। उनके पति ने फेसबुक पर उनके सजा मिलने की जानकारी शेयर की।

Author Updated: March 13, 2019 4:29 PM
मानवाधिकार वकील नसरीन को मिली सजा की सब तरफ निंदा हो रही है। फोटोः एपी

ईरान की मशहूर वकील को सात अलग-अलग मामलों में 33 साल की जेल और 148 कोड़े लगाने की सजा मिली है। अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मानवाधिकार वकील नसरीन सोतेदेह को सोमवार को यह सजा सुनाई गई। नसरीन पहले ही एक मामले में 5 साल की सजा काट रही हैं। इस तरह जेल की कुल सजा 38 साल हो गई है. नसरीन को यह सजा ईरान में विपक्षी कार्यकर्ताओं का केस लड़ने के आरोप में मिली है। इससे पहले 55 वर्षीय नसरीन ने इस्लामिक रिपब्लिक की तरफ से महिलाओं के लिए बुर्का अनिवार्य किए जाने का विरोध करने वाली महिलाओं का केस लड़ा था।

इन महिलाओं ने बिना सिर ढंके अपना वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर डाला था। नसरीन के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को पिछले साल जून में गिरफ्तार किया गया था। नसरीन पर जासूसी, दुष्प्रचार करने और ईरान के शीर्ष नेतृत्व का अपमान करने का आरोप लगाया गया। इससे पहले साल 2010 में नसरीन को दुष्प्रचार करने और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में जेल भेजा गया था। हालांकि नसरीन ने इन आरोपों से इनकार किया था। छह साल की सजा काटने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था।

आधिकारिक इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी ने खबर दी कि तेहरान के रेवोल्यूशनरी कोर्ट के जज मोहम्मद मोकिश ने सोमवार को कहा कि पांच साल की सजा राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ एकजुट होने और दो साल की सजा ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्ला अली खामैनी का अपमान करने के अपराध में मिली है। नसरीन के पति रेजा खानदन ने फेसबुक पर लिखा कि जेल की सजा और 148 कोड़ों की सजा बहुत कड़ी है। उन्होंने लिखा कि नई सजा को मिलाकर सात अलग-अलग मामलों 38 साल की सजा मिल चुकी है।

इससे पहले नसरीन को साल 2009 में व्यापक प्रदर्शन करने वाले लोगों का केस लड़ने के बाद तीन साल जेल में गुजारने पड़े थे। प्रदर्शनकारी अति कट्टरपंथी राष्ट्रपति मोहम्मद अहमदीनेजाद के फिर से निर्वाचित होने का विरोध कर रहे थे। ईरान में मानवाधिकार पर संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ता जाविद रहमान ने सोमवार को जेनेवा में नसरीन का मामला उठाया । रहमान ने गिरफ्तारी, सजा, अनुचित व्यवहार के गलत तरीकों पर चिंता व्यक्त की थी। नसरीन को कई बड़े-बड़े मामलों की पैरवी करने के कारण यूरोपीय संसद साल 2012 में सखारोव मानवाधिकार पुरस्कार से सम्मानित कर चुकी है।

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