पिछले 40 दिनों से पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान ने बंद किया था। वहां से केवल कुछ ही जहाजों को गुजरने की अनुमति मिली थी। इस बीच अब ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि लेबनान में हुए सीजफायर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि होर्मुज पूरी तरह से खुला है।

ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा?

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने कहा, “लेबनान में हुए युद्धविराम के अनुरूप होर्मुज से होकर गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए युद्धविराम की शेष अवधि के लिए मार्ग पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की शेष अवधि के लिए ही होर्मुज खुला रहेगा।

ट्रंप ने भी की पुष्टि

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि ईरान जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और आवागमन के लिए तैयार है। धन्यवाद!”

इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम

इजरायल और लेबनान गुरुवार को पूर्वी समयानुसार शाम 5 बजे से शुरू होने वाले 10 दिनों के युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल का सैन्य अभियान अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में एक अहम मुद्दा रहा है।

क्या है होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक पतला समुद्री मार्ग है। यहां से दुनिया की कुल तेल सप्लाई का 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है। 28 फरवरी, जब से ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू हुआ, तब से ही इस पर असर पड़ा और केवल कुछ ही जहाजों के लिए इसे खोला गया था। इसके कारण दुनिया भर में तेल सप्लाई बाधित हुई थी। खाड़ी देश तेल को एक्सपोर्ट करने के लिए इसी जलमार्ग का उपयोग करते हैं। भारत के तेल इंपोर्ट का 40 फ़ीसदी हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर आता है।

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