अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि होर्मुज़ जलमार्ग (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले सभी माल पर अमेरिका 20 प्रतिशत शुल्क वसूलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी फिर से लागू करेगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका अब खुद को ‘गार्डियन ऑफ द होर्मुज़ स्ट्रेट‘ के रूप में स्थापित करेगा और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि इस सुरक्षा की लागत की भरपाई के लिए सभी जहाजों से 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा।
केवल ईरान और उससे व्यापार करने वालों पर नाकेबंदी
ट्रंप ने कहा कि यह नाकेबंदी सिर्फ ईरान और उन देशों या कंपनियों पर लागू होगी जो ईरान के साथ व्यापार कर रही हैं। अन्य देशों के जहाज पहले की तरह इस समुद्री मार्ग से गुजर सकेंगे।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना, वायुसेना, मिसाइल और ड्रोन क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
भारत पर पड़ सकता है असर
होर्मुज़ जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
भारत अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है और इसका बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मार्ग पर तनाव बढ़ता है या अतिरिक्त शुल्क लगता है तो भारत में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल महंगे होने और महंगाई बढ़ने की आशंका है।
ट्रंप बोले- सुरक्षा देंगे तो भुगतान भी चाहिए
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा करेगा और इसके बदले भुगतान भी लिया जाएगा। उनके मुताबिक, इस मार्ग का सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाले देश आर्थिक रूप से संपन्न हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षा की लागत भी उठानी चाहिए।
‘ट्रंप बोले- ‘समझौता हुआ था, लेकिन ईरान मुकर गया’
ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा, ”हमारे बीच समझौता हो चुका था लेकिन उन्होंने उसे तोड़ दिया। वे हमेशा समझौते तोड़ते हैं। हमने उनके साथ 10 बार समझौते किए। इसलिए अब हम उन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।”
ईरान की चेतावनी
ट्रंप के ऐलान के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने कहा कि होर्मुज़ जलमार्ग के प्रबंधन में अमेरिका का कोई अधिकार नहीं है। ईरान ने चेतावनी दी कि उसकी अनुमति के बिना यदि कोई सैन्य हस्तक्षेप हुआ तो उसका जवाब दिया जाएगा।
IRGC की चेतावनी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि होर्मुज़ में सामान्य जहाजरानी तभी बहाल होगी जब अमेरिका इस क्षेत्र में अपना सैन्य हस्तक्षेप बंद करेगा। IRGC ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका का हस्तक्षेप जारी रहा तो वैश्विक तेल और गैस क्षेत्र में और बड़े संकट पैदा हो सकते हैं।
ईरान ने पहले ही बंद किया था होर्मुज़ मार्ग
इससे पहले ईरान ने घोषणा की थी कि एक ‘अधिकृत पारगमन’ (ऑथराइज्ड ट्रांजिट) के बाद होर्मुज़ को बंद कर दिया गया है। ईरान का कहना था कि फिलहाल इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही निलंबित रहेगी और ‘स्थिति सामान्य एवं शांतिपूर्ण होने’ के बाद ही नई आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच हमलों का सिलसिला जारी है। ईरान ने दावा किया है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है और होर्मुज़ में जहाजों की आवाजाही अब भी निलंबित रखी गई है। दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के कारण इससे तेल की कीमतों में उछाल और दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की संभावना है।
डोनाल्ड ट्रंप बोले- जलमार्ग पर अमेरिका का होना चाहिए नियंत्रण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका होर्मुज जलमार्ग पर कब्जा कर लेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जलमार्ग को नियंत्रित करने के लिए उसे मुआवजा दिया जाना चाहिए क्योंकि पश्चिम एशिया में शत्रुता जारी है और ईरान बहरीन, कुवैत, ओमान और जॉर्डन सहित खाड़ी देशों पर हमला कर रहा है ।
