ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध का साया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा पर मंडरा रहा था। ट्रंप की इस यात्रा से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि यह संघर्ष मध्य पूर्व में गठबंधनों में बदलाव ला रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को बीजिंग पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से गुरुवार से शुरू होने वाली वार्ता से पहले होगी। उम्मीद है कि ट्रंप इस संघर्ष को सुलझाने के लिए चीन से मदद मांगेंगे। जिसे उन्होंने फरवरी के अंत में इजरायल के साथ शुरू किया था, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि उन्हें वह समर्थन मिलने की संभावना नहीं है जो वे चाहते हैं। बुधवार को जारी नई रिपोर्टों में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि ईरान युद्ध किस प्रकार पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक पुनर्गठन को गति दे रहा है।

यह लगभग एक दशक बाद किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा है। ट्रंप ऐसे समय चीन पहुंचे हैं जब अमेरिका में आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और ईरान युद्ध के असर को लेकर उनकी सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले यह दौरा राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।

वॉशिंगटन से रवाना होने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान संकट को खत्म करने के लिए उन्हें चीन की मदद की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हम ईरान के मामले में किसी मदद पर निर्भर नहीं हैं। हम किसी भी तरह जीतेंगे, चाहे शांतिपूर्ण तरीके से या अन्य तरीके से।

हालांकि यह भी माना जा रहा है कि ईरान संघर्ष, व्यापार विवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ताइवान और सेमीकंडक्टर निर्यात नियंत्रण इस बैठक के मुख्य मुद्दे होंगे। ट्रंप चीन से अमेरिकी कंपनियों, खासकर टेक कंपनियों के लिए बाजार खोलने की मांग कर सकते हैं।

वहीं, इजरायल ने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मार्च में शेख मोहम्मद बिन जायद के साथ गुप्त रूप से बातचीत के लिए संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की थी। जिसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच संबंधों में एक ऐतिहासिक सफलता मिली। दोनों देशों ने 2020 में ट्रंप समर्थित अब्राहम समझौते के तहत संबंध फिर से स्थापित किए थे और ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात पर हमले के बाद से यह संबंध और मजबूत हुआ है।

लेकिन संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा के होने से इनकार किया। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि संयुक्त अरब अमीरात में संबंधित अधिकारियों द्वारा आधिकारिक तौर पर घोषणा किए जाने तक, अघोषित यात्राओं या गुप्त व्यवस्थाओं से संबंधित कोई भी दावा पूरी तरह निराधार है।

ईरान, जिसने अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में अपने अन्य खाड़ी पड़ोसियों की तुलना में संयुक्त अरब अमीरात पर अधिक हमले किए हैं। उसने संयुक्त अरब अमीरात के लिए तीखे शब्दों का प्रयोग किया। विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने X पर लिखा, “ईरान के महान लोगों के साथ शत्रुता एक मूर्खतापूर्ण जुआ है। ऐसा करने में इजरायल के साथ मिलीभगत: अक्षम्य। विभाजन बोने के लिए इजरायल के साथ मिलीभगत करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

ईरान युद्ध के दौरान नेतन्याहू का कोई सीक्रेट दौरा नहीं हुआ, इजरायल के दावे को UAE ने नकारा

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने यूएई का दौरा किया और वहां राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से गुप्त मुलाकात की थी। पढ़ें पूरी खबर।