अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलमार्ग पर अमेरिकी नाकाबंदी हटाई जाएगी। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वे व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने सलाहकारों के साथ बैठक कर रहे हैं ताकि ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने और होर्मुज जलमार्ग को फिर से खोलने के समझौते पर अंतिम निर्णय लिया जा सके। वहीं, दूसरी ओर ईरान ने इस बात को खारिज किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पोस्ट पर लिखा, “ईरान को यह स्वीकार करना होगा कि वे कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएंगे। होर्मुज जलमार्ग को तुरंत खोला जाना चाहिए, बिना किसी टोल के, दोनों दिशाओं में निर्बाध जहाज यातायात के लिए। अगर कोई जलमग्न खदानें हैं तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा (हमने अपने शक्तिशाली यंत्रों से विस्फोट करके ऐसी कई खदानों को हटा दिया है। ईरान को बची हुई सभी खदानों को तुरंत हटाना और/या नष्ट करना होगा)। हमारी अद्भुत और अभूतपूर्व नौसैनिक नाकाबंदी के कारण जलमार्ग में फंसे जहाज ‘घर लौटने’ की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।”
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे लिखा, “अपने प्रिय राष्ट्रपति की ओर से अपनी पत्नियों, पतियों, माता-पिता और परिवार को नमस्कार कहिए! 11 महीने पहले हमारे शक्तिशाली B2 बम के हमले के कारण लगभग ढह चुके पहाड़ों के नीचे दबी हुई समृद्ध सामग्री जिसे कभी-कभी “परमाणु धूल” भी कहा जाता है, को अमेरिका ईरान और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के घनिष्ठ समन्वय से खोदकर निकालेगा और नष्ट कर देगा। अगली सूचना तक कोई धन का लेन-देन नहीं होगा। अन्य कम महत्वपूर्ण वस्तुओं पर सहमति हो गई है। मैं अब अंतिम निर्णय लेने के लिए सिचुएशन रूम में बैठक कर रहा हूँ। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।”
ईरान ने किया ट्रंप का दावा खारिज
वहीं, दूसरी ओर ईरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि रियायतें बातचीत से नहीं बल्कि मिसाइलों से हासिल होंगी। तेहरान ने जोर देकर कहा कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच वह वाशिंगटन का मूल्यांकन वादों के बजाय कार्यों के आधार पर करेगा। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया कि समझौता अभी अंतिम रूप से बहुत दूर है। ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी ने बताया कि समझौते के ड्राफ्ट में हाल के दिनों में बदलाव किए गए हैं और यह दोहराया कि अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ग़ालिबफ ने कहा कि तेहरान वाशिंगटन से मिलने वाले राजनयिक आश्वासनों पर भरोसा नहीं करेगा। ग़ालिबफ ने फ़ारसी में X पर लिखा, “हम गारंटियों और शब्दों पर भरोसा नहीं करते केवल कर्म ही मानदंड हैं। दूसरे पक्ष द्वारा कार्रवाई किए बिना कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।”
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को अब मुफ्त नहीं मिलेंगी सुविधाएं
भारत में ईरान के राजदूत डॉ मोहम्मद फथली ने शुक्रवार को कहा कि कि ईरान के पास अभी भी जबरदस्त रक्षात्मक क्षमताएं हैं और वह अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि होर्मुज के पास सुविधाएं अभी फ्री नहीं रहेंगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
