अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बार फिर दावा किया कि ईरान के साथ वार्ता में प्रगति हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर कोई शांति समझौता होता है तो वह उस पर हस्ताक्षर करने के लिए शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता करने के बहुत करीब है और अगर वहां समझौता हो जाता है तो वह पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं।
लास वेगास रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम ईरान के साथ समझौता करने के बेहद करीब हैं। समझौता होने की पूरी संभावना है।” उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम सहित कई अहम मुद्दों पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना था कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर पाए। वे लगभग सभी बातों पर सहमत हो गए हैं।” ट्रंप ने कहा, ”अगर इस्लामाबाद में समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं तो मैं जा सकता हूं।”
तेहरान यूरेनियम का अपना भंडार सौंपने के लिए तैयार- ट्रंप
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि तेहरान समृद्ध यूरेनियम का अपना भंडार सौंपने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वार्ता का अगला दौर जल्द ही हो सकता है। संभवतः वीकेंड में।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के लिए कहा, ”फील्ड मार्शल बहुत अच्छे हैं। पाकिस्तान में प्रधानमंत्री भी बहुत अच्छे हैं इसलिए शायद मैं जाऊं। वे मुझे चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को यह भी संकेत दिया कि वह ईरान के साथ युद्धविराम को बढ़ाने के लिए तैयार हैं। 14 दिन का युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है लेकिन ट्रंप ने कहा कि समझौते के लिए समयसीमा को और आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था, हालांकि उस चरण में कोई समझौता नहीं हो सका था।
पीट हेगसेथ की ईरान से अपील
वहीं, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी गुरुवार को ईरान से समझौता करने की अपील की। हेगसेथ ने पेंटागन में संवाददाताओं से कहा, ”आखिरकार, उन्हें मेज पर आना ही होगा और समझौता करना ही होगा।” उन्होंने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान के पास भविष्य में भी कभी परमाणु हथियार न हो। हेगसेथ ने कहा, ”हम इसे अपने महान उपराष्ट्रपति और बातचीत करने वाली टीम के नेतृत्व में एक समझौते के माध्यम से अच्छे तरीके से करना पसंद करेंगे अन्यथा हम इसे दूसरे तरीके से कर सकते हैं।” बाद में प्रेसवार्ता में, हेगसेथ ने ईरान की सरकार से कहा, ”मैं प्रार्थना करता हूं कि आप एक ऐसा समझौता चुनें जो आपके लोगों की भलाई और दुनिया की भलाई के लिए आपकी समझ में हो।”
ईरान इस मामले पर किसी को सुनने को राजी नहीं
ईरान और अमेरिका ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में समझौते पर अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच हुई वार्ता का भी कोई नतीजा नहीं निकला। दो सप्ताह के युद्धविराम के आधे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं सहित कई बड़े मतभेद बने हुए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
(एपी के इनपुट के साथ)
