Iran War News: ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली ने सोमवार को कहा कि यदि अमेरिका “गैरकानूनी मांगों” से परहेज करता है और तेहरान की शर्तों को स्वीकार करता है, तो ईरान एक और दौर की शांति वार्ता के लिए तैयार है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी नाकेबंदी के कारण क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पाकिस्तान में हुई करीब 21 घंटे लंबी वार्ता के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। यह वार्ता रविवार सुबह बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई, जिसके बाद दोनों पक्षों ने गतिरोध के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।
‘बातचीत के लिए तैयार, लेकिन युद्ध से भी नहीं पीछे’
ईरानी दूतावास में मीडिया से बातचीत के दौरान फताअली ने कहा, “अगर आप किसी भी राजनयिक प्रक्रिया में प्रगति चाहते हैं, तो दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए और गैरकानूनी मांगों से बचना चाहिए।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान शांति और वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन जरूरत पड़ने पर युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
अमेरिकी नाकेबंदी से बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को रोकने के लिए नाकेबंदी लागू करेगी। इसके तहत ईरानी बंदरगाहों तक आने-जाने वाले जहाजों पर रोक लगाई गई है।
होर्मुज जलमार्ग की अहमियत
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20% तेल और एलएनजी का परिवहन होता है। ईरानी राजदूत ने कहा कि यह जलमार्ग ईरान के जलक्षेत्र का हिस्सा है और जल्द ही इसके उपयोग के लिए नया तंत्र घोषित किया जाएगा।
‘ईरान सभी विकल्पों के लिए तैयार’
फताअली ने अमेरिकी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वाशिंगटन ईरान की ताकत से अच्छी तरह वाकिफ है। उन्होंने कहा, “हमारे उच्च अधिकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हम सभी विकल्पों के लिए तैयार हैं।”
भारत की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा, “तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति ही इस संघर्ष का समाधान है। हमें उम्मीद है कि इस मार्ग से वैश्विक व्यापार बाधित नहीं होगा।”
भारत-ईरान संबंधों का जिक्र
फताअली ने भारत के साथ अच्छे संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के हित क्षेत्र में समान हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच हाल में हुई बातचीत का भी उल्लेख किया।
हमलों में भारी नुकसान का दावा
ईरानी राजदूत ने दावा किया कि 28 फरवरी से जारी संघर्ष में इजराइल और अमेरिका के हमलों में 3,753 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 887 महिलाएं और 221 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 30,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे हैं। ईरान का आरोप है कि हमलों में नागरिक ठिकानों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।
ईरान ने पाकिस्तानी जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जाने की दी इजाजत

ईरान ने पाकिस्तान के दो व्यापारिक जहाजों को सोमवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने और कुवैत तथा संयुक्त अरब अमीरात जाने की अनुमति दे दी है जबकि पहले उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। ‘पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉर्पोरेशन’ (पीएनएससी) के ये दोनों व्यापारिक जहाज (शालीमार और खैरपुर) ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच युद्ध शुरू होने के बाद फारस की खाड़ी में जाने वाले पहले पाकिस्तानी जहाज हैं। पढ़िए पूरी खबर…
