अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के लिए सशर्त युद्धविराम पर सहमत हो गए। मतभेदों को सुलझाने और शांति के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बैठक होनी है। हालांकि, शीर्ष ईरानी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर किए गए इजरायली हमले वार्ता को निरर्थक बना सकते हैं। इस बीच हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने बुधवार को होर्मुज जलमार्ग को एक बार फिर बंद कर दिया। वहीं, व्हाइट हाउस ने कहा कि होर्मुज जलमार्ग को बंद किया जाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलमार्ग से तेल की आपूर्ति की अनुमति देने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान वैश्विक तेल यातायात के लिए इस रणनीतिक जलमार्ग को खुला रखने की सहमति का पालन करने में विफल रहा है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, “ईरान होर्मुज जलमार्ग से तेल की आवाजाही की अनुमति देकर बहुत ही घटिया काम कर रहा है, कुछ लोग इसे अपमानजनक कहेंगे। यह हमारे समझौते के अनुरूप नहीं है।”
ईरानी सेना ने होर्मुज जलमार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाईं
ईरान की कुछ समाचार एजेंसियों ने कहा कि ईरानी सेना ने होर्मुज जलमार्ग में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। यह तेल के परिवहन के लिए एक बेहद अहम जलमार्ग है, जिसे तेहरान ने बंद कर दिया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान इस समझौते का पालन नहीं करता है तो अमेरिकी सेना उस पर पहले से भी कहीं ज़्यादा ज़ोरदार हमला करेगी।
इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा
अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने जा रहे पाकिस्तान ने राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हालांकि, शीर्ष ईरानी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर किए गए इजराइली हमले वार्ता को निरर्थक बना सकते हैं। अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के लिए सशर्त युद्ध-विराम पर सहमत हो गए। इसके बाद, मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा युद्ध-विराम को एक स्थायी शांति में तब्दील करने के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बैठक होनी है। प्रस्तावित बातचीत से कुछ घंटे पहले, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि लेबनान पर इजराइल का हमला शुरुआती युद्ध-विराम का खुला उल्लंघन है और इससे बातचीत निरर्थक हो जाएगी।
वार्ता में हिस्सा लेगा ईरान
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी ने तेहरान के प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी की पुष्टि करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इजरायल द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन के कारण उनके देश में शांति वार्ता को लेकर संदेह बना हुआ है। रजा अमीरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”राजनयिक पहल को नाकाम करने के लिए इजरायली शासन द्वारा बार-बार युद्धविराम के उल्लंघन के कारण ईरान के लोगों में संशय के बावजूद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज रात इस्लामाबाद पहुंच रहा है ताकि ईरान द्वारा प्रस्तावित 10 बिंदुओं पर वार्ता की जा सके।”
लेबनान हमले के बाद फिर बढ़ी पश्चिम एशिया में तनाव की आशंका | संपादकीय
पश्चिम एशिया में युद्ध से उपजे संकट के बीच यह पहला मौका था, जब ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच 14 दिनों के युद्धविराम पर सहमति बनी थी। मगर इजरायल ने बुधवार को ही जिस तरह लेबनान पर हमला किया, उससे साफ है कि युद्धविराम में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
