ईरान ने रविवार को एक बार फिर अमेरिका को धमकी दी है कि अगर उस पर एक और हमला किया तो वह इस बार अमेरिका को अधिक नुकसान पहुंचाएगा। ईरान की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब ईरानी प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकरा दी है।
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान की सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा कि उनका देश टकराव के लिए तैयार है और इस बार अमेरिका को कई गुना अधिक नुकसान पहुंचाएगा।
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्होंने होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और लड़ाई खत्म करने के ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। ट्रंप ने कहा, “उन्होंने (ईरान) एक प्रस्ताव रखा था, लेकिन मैंने उसे ठुकरा दिया।” उन्होंने दावा किया, “वे एक ऐसा समझौता करना चाहते हैं जिसमें वे तुरंत जलमार्ग (स्ट्रेट) को खोल दें, क्योंकि उन्हें बहुत बुरी तरह नुकसान हो रहा है।”
इस पर ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने रविवार को कहा कि ईरान की सेना अमेरिका के किसी भी नए हमले का सामना करने के लिए तैयार है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने उनके देश पर कोई और हमला किया, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इसके अलावा, ईरान की सेना के कमांडर-इन-चीफ अमीर हातमी ने कहा कि जंग एक अहम और निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन ऐसी स्थिति मंजूंर नहीं करेगा जिसमें वह व्यापार न कर पाए, जबकि विदेशी ताकतें इस इलाके के अहम समुद्री रास्तों का इस्तेमाल करें।
अमीर हातमी ने कहा, “अगर ईरान व्यापार नहीं कर सकता, अगर ईरान जी नहीं सकता, तो कोई भी व्यापार या जीवन नहीं जी पाएगा। होर्मुज़ जलमार्ग हमारी इज़्ज़त और सम्मान का प्रतीक है। देश के दुश्मनों को इस अहम लॉजिस्टिकल चोकपॉइंट का इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जबकि ईरानी लोग इससे वंचित रहें।”
सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB के मुताबिक, ट्रंप की टिप्पणियों के बावजूद विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि ईरान मध्यस्थ देशों कतर और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका की ओर से एक पक्के जवाब का इंतजार कर रहा है।
अब्बास अराघची ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति ने कुछ अच्छी बातें भी कही हैं और कई विरोधाभासी बातें भी, जो दुर्भाग्य से हम उनसे अक्सर सुनते रहते हैं।” ईरानी मंत्री ने बातचीत के जरिए समाधान की अपील की और कहा कि सिर्फ बातचीत से ही इस अहम जलमार्ग को लेकर बने गतिरोध को सुलझाया जा सकता है।
