इज़रायल ने दावा किया है कि ईरान के वरिष्ठ नेता और सिक्यॉरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारिजानी की बीती रात ईरान में हुए इज़रायली हवाई हमले में मौत हो गई। इज़रायली सेना (आईडीएफ) ने भी पुष्टि की है कि हमले में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव लारिजानी को निशाना बनाया गया था। आखिरी बार लारिजानी को 13 मार्च को सार्वजनिक तौर पर देखा गया था।

इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा कि ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी को इज़रायल ने रातभर चले हमले में मार गिराया।

आईडीएफ ने यह भी बताया कि एक अन्य हमले में बासिज अर्धसैनिक बल के कमांडर गुलाम रज़ा सुलेमानी मारे गए। अभी तक ईरान की तरफ से लारिजानी और सुलेमानी के मारे जाने की खबर पर किसी तरह का बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।

इजरायली सेना ने किया टारगेटेड हमला

इज़रायली सेना ने मंगलवार को कहा, ”सैन्य खुफिया की सटीक जानकारी के आधार पर वायुसेना ने कल तेहरान के बीचों-बीच एक टारगेटेड हमला किया जिसमें पिछले छह सालों से बासिज यूनिट के कमांडर रहे गुलाम रज़ा सुलेमानी को मार गिराया गया।”

बासिज यूनिट, ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी अर्धसैनिक मिलिशिया है। इज़रायली अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में ईरान के वरिष्ठ अधिकारी अली लारिजानी को भी निशाना बनाया गया।

अली लारिजानी कौन हैं?

अली लारिजानी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव हैं। वह दिवंगत अयातुल्ला खामेनेई के करीबी सहयोगी रह चुके हैं और ईरानी संसद (मजलिस) के पूर्व स्पीकर भी रह चुके हैं। खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को हत्या के बाद लारिजानी ने भरोसी दिलाया था कि शासन बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।

हाल ही में लारिजानी 14 मार्च (शुक्रवार) को Quds Day रैली में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के साथ नजर आए थे।

लारिजानी का नाता ईरान के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक से रहा है। वे खामेनेई के वरिष्ठ नीति सलाहकार भी रह चुके हैं और ट्रंप प्रशासन के साथ परमाणु वार्ताओं में अहम भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा, वे अमेरिका, रूस और चीन के साथ हुई परमाणु वार्ताओं का भी हिस्सा रहे हैं।

लारिजानी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर 17 मार्च को एक हाथ से लिखा नोट पोस्ट किया गया जिसमें ईरानी नौसेना के ‘शहीदों’ को श्रद्धांजलि दी गई। यह पोस्ट उसी समय सामने आया जब इज़रायल ने उनके मारे जाने का दावा किया था।

ईरान ने पश्चिम एशिया में तेज किए हमले

गौर करने वाली बात है कि ईरान ने पश्चिम एशिया में अपने हमले तेज कर दिए हैं। मंगलवार (17 मार्च) को तेहरान ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाते हुए रॉकेट और कम से कम पांच ड्रोन दागे।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इराकी सुरक्षा सूत्रों ने इस हमले को यूएस-इजरायल-ईरान तनाव की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे तेज हमला बताया है।

हमले के दौरान कई धमाकों की आवाज सुनी गई और अमेरिकी C-RAM डिफेंस सिस्टम ने कुछ ड्रोन को मार गिराया। हालांकि एक ड्रोन दूतावास परिसर के अंदर गिरा जिससे आग और धुआं उठता देखा गया। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और तेल सुविधाओं को भी निशाना बना रहा है जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

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ईरान से हमले की आशंकाओं के मद्देनजर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान से संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए उसने अपना हवाई क्षेत्र फिर से बंद कर दिया है। यूएई के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण का कहना है कि यह बंद अस्थायी है। पढ़ें पूरी खबर…