अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए जा रहे दावे को ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने खारिज कर दिया। सैन्य अधिकारी ने वाशिंगटन के हालिया राजनयिक कोशिशों को दिखावा बताया और कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा कभी इस्तेमाल किया जाने वाला वैश्विक प्रभाव अब प्रभावी रूप से समाप्त हो गया है।

ईरान के सरकारी मीडिया, प्रेस टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फ़ाक़ारी ने बुधवार को कहा कि अमेरिका द्वारा पहले प्रदर्शित की गई “रणनीतिक शक्ति” अब “रणनीतिक हार” में बदल गई है।

सैन्य अधिकारी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले शुरू करने के 48 घंटे के अल्टीमेटम से पीछे हटने के बाद आई है। यह बदलाव तब हुआ जब ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी की कि इस तरह की किसी भी आक्रामकता के परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में हर ऊर्जा और बिजली सयंत्र को निशाना बनाया जाएगा।

अमेरिकी रुख में आए बदलाव पर टिप्पणी करते हुए जोल्फकारी ने कहा कि अगर दुनिया की स्वघोषित महाशक्ति इस संकट से बच सकती, तो अब तक बच चुकी होती। अपनी हार को समझौता मत कहो।

जोल्फकारी की यह टिप्पणियां राष्ट्रपति ट्रम्प के अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर किए गए दावों का सीधा खंडन प्रतीत होती हैं, जहां अमेरिकी नेता ने सुझाव दिया था कि दोनों देशों ने “पिछले दो दिनों में पश्चिम एशिया में पूर्ण और समग्र समाधान के संबंध में बहुत अच्छी और रचनात्मक बातचीत की है।

हालांकि, प्रेस टीवी ने तेहरान के एक जानकार सूत्र का हवाला देते हुए अमेरिकी बयान का स्पष्ट खंडन किया और सोमवार को स्पष्ट किया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच कोई आधिकारिक बातचीत नहीं हुई है। जोल्फकारी ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा कि वाशिंगटन के वादों पर भरोसा करने का युग समाप्त हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि आपके वादों का युग समाप्त हो गया है। आज दुनिया में केवल दो ही मोर्चे हैं: सत्य और असत्य। और सत्य की खोज करने वाला हर स्वतंत्रता-प्रेमी आपके मीडिया प्रचार के झांसे में नहीं आएगा।

ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिकी प्रशासन के भीतर कथित आंतरिक अराजकता का उपहास उड़ाते हुए व्यंग्यपूर्वक पूछा कि क्या “आपकी आपसी कलह इस हद तक पहुंच गई है कि आप आपस में ही बातचीत कर रहे हैं? यह बयानबाजी वर्तमान अमेरिकी कूटनीतिक रणनीति के प्रति तेहरान में व्याप्त गहरे संदेह को उजागर करती है।

क्षेत्र के आर्थिक भविष्य की बात करते हुए प्रेस टीवी ने बताया कि ज़ोल्फ़क़ारी ने पश्चिमी हितों के लिए एक निराशाजनक आकलन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि अब न तो अमेरिकी निवेश का पिछला स्तर और न ही ऊर्जा और तेल की पूर्व कीमतें कभी वापस आएंगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा अब तेहरान की सैन्य क्षमताओं द्वारा निर्धारित होती है और यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थिरता हमारी सशस्त्र सेनाओं के शक्तिशाली हाथ से सुनिश्चित होती है और स्थिति को “हमारी शक्ति के माध्यम से स्थिरता के रूप में परिभाषित किया।

प्रवक्ता ने स्पष्ट कर दिया कि पूर्वस्थिति की वापसी संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी संभावना तभी खत्म हो सकती है जब तक ईरानी राष्ट्र के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का विचार आपके घृणित दिमाग से पूरी तरह से मिटा नहीं दिया जाता। प्रेस टीवी के अनुसार, ज़ोल्फ़क़ारी ने ईरान के अडिग रुख को दोहराते हुए कहा कि पहले दिन से ही हमारा पहला और आखिरी शब्द यही रहा है, है और रहेगा: हम जैसे लोग आप जैसे लोगों के साथ समझौता नहीं करेंगे।

ईरान से ‘सीक्रेट गिफ्ट’ मिलने का दावा कर रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की ओर से उन्हें एक बड़ा ‘तोहफा’ मिला है। उनके मुताबिक यह तोहफा परमाणु से जुड़ा नहीं, बल्कि तेल और गैस से संबंधित है। हालांकि, ट्रंप ने अभी यह साफ नहीं किया है कि ईरान से उन्हें आखिर क्या मिला है।उन्होंने इतना जरूर कहा कि ईरान इस समय एक समझौता करना चाहता है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, उसकी वायुसेना बर्बाद हो गई है और उसकी संचार व्यवस्था भी ठीक से काम नहीं कर रही है। पढ़ें पूरी खबर।