इस्लामाबाद में करीबन 21 घंटे की लंबी बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त होने के बाद अमेरिका और तेहरान की ओर से अलग-अलग बयान सामने आए हैं।

अफ्रीकी देश घाना में ईरान के दूतावास ने एक्स के पोस्ट में कहा कि ईरान ने अमेरिका की मांगों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। दूतावास ने अमेरिका पर वार्ता से पीछे हटने के लिए बहाना ढूंढने और ऐसी रियायतें मांगने का आरोप लगाया, जिन्हें वह युद्ध के जरिए हासिल न कर सका।

पोस्ट में आगे कहा गया कि अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल खाली हाथ लौट गए। साथ ही कहा होमुर्ज जलमार्ग जरूरी मुद्दे सुलझने तक बंद ही रहेगा। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि ईरान कूटनीति के जरिए अपने हितों को आगे बढ़ाए रखना जारी रखेगा।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने कही थी ये बात

यह बयान अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान के बाद आया। जेडी वेंस ने कहा कि ईरान से बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला क्योंकि ईरान ने अमेरिका की शर्तें नहीं मानीं। उन्होंने कहा, “हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे क्योंकि उन्होंने हमारी शर्तों को स्वीकार नहीं किया।”

उन्होंने आगे कहा कि लंबी चर्चाओं के बाद अमेरिका ने अपना “अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव” पेश किया था, और बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल “काफी लचीला” रहा था।

उन्होंने आगे कहा कि लंबी बातचीत के बाद अमेरिका ने अपना फाइनल और बेस्ट ऑफर पेश किया था। साथ ही बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल भी नरमी बरत रहा था।

जेडी वेंस के मुताबिक, बातचीत का मुख्य मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम ही बना हुआ है, अमेरिका ईरान से साफ और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता चाहता है कि वे परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा, “हम सकारात्मक प्रतिबद्धता चाहते हैं और ये सिर्फ अभी के लिए बल्कि लंबे समय के लिए।”

ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

इधर ईरान की मीडिया के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह बातचीत अविश्वास के माहौल में हुई, इसलिए यह स्वाभाविक है कि सिर्फ एक ही सत्र में किसी समझौते पर पहुंचने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए थी।

प्रवक्ता ने कहा, “बातचीत के दौरान हम कई बिंदुओं पर सहमत हुए, लेकिन दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर हमारे विचार अलग-अलग थे, और इसी वजह से कोई समझौता नहीं हो पाया।”

आगे प्रवक्ता ने कहा, “ईरान, पाकिस्तान और इस क्षेत्र में ‘अपने अन्य मित्रों’ के बीच संपर्क और परामर्श जारी रखेगा।”

यह वार्ता पाकिस्तान की मध्यस्ता के बाद हुई, यह सीजफायर को बनाए रखने और एक व्यापक समझौते की दिशा में काम करने के चल रहे कोशिशों का हिस्सा थी। हालांकि दोनों पक्ष के बयान से यह साफ है कि दोनों का प्रमुख मुद्दों पर काफी ज्यादा अंतर है।

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अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई बातचीत विफल हो चुकी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिका लौट गए हैं। इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक अहमद डार ने बयान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे और बातचीत होगी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि हमने ईरान और अमेरिका के बीच अच्छी बातचीत कराने की कोशिश की थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें