ईरान अपना इचरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को नहीं सौंपेगे। यह दावा एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने रॉयटर्स से रविवार को बताया कि ईरान अपने अत्याधिक समृद्ध यूरेनियम (highly enriched ​uranium) के भंडार को सौंपने पर राजी नहीं हुआ है।

रॉयटर्स के मुताबिक, आगे सूत्र ने कहा कि ईरान का परमाणु मुद्दा, अमेरिका के साथ हुए शुरुआती समझौते का हिस्सा नहीं था। सूत्र ने आगे कहा, “परमाणु मुद्दे पर अंतिम समझौते के लिए होने वाली बातचीत में चर्चा की जाएगी और इसलिए यह मौजूदा बातचीत का हिस्सा नहीं है। ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को देश से बाहर भेजने के संबंध में कोई समझौता नहीं हुआ है।”

हम परमाणु हथियारों की चाह नहीं रखते- ईरानी राष्ट्रपति

इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ के पत्रकार ट्रे यिंगस्ट के एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया जिसमें टे यिंगस्ट ने दावा किया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा, “हम दुनिया को यह भरोसा दिलाने के लिए तैयार हैं कि हम परमाणु हथियारों की चाह नहीं रखते। हम इस क्षेत्र में अस्थिरता नहीं चाहते।”

आज साइन नहीं होगी डील

इसके बाद टे यिंगस्ट ने और पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा, “अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरान डील आज साइन नहीं किया जाएगा, लेकिन उन्होंने इस डील पर प्रगति होने का संकेत दिया। अगर ईरानी एनरिचमेंट यूरेनियम के मुद्दे पर अहम रियायत देते हैं, तो हम भी पाबंदियों में राहत देने के मामले में अहम रियायतें देंगे।” अमेरिका की परमाणु मुद्दे पर राय, मौजूदा योजना एनरिच्ड मटीरियल के पूरे भंडार से निपटने की है।

अधिकारी ने आगे कहा, “अगर कोई ऐसी फ़ाइनल डील होती है जिसमें ईरानी एनरिचमेंट जारी रखते हैं, तो फिर वह कोई फ़ाइनल डील नहीं मानी जाएगी।”

ट्रंप ने ओबामा पर बोला हमला

इधर डोनाल्ड ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में तत्कालीन ओबामा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा, “हमारे देश द्वारा अब तक की गई सबसे खराब डील्स में से एक थी ईरान न्यूक्लियर डील, जिसे बराक हुसैन ओबामा और ओबामा प्रशासन के बिल्कुल नौसिखिया लोगों ने सामने रखा और साइन करके लागू किया। यह ईरान के लिए न्यूक्लियर हथियार बनाने का सीधा रास्ता था। लेकिन ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान के साथ अभी जो बातचीत चल रही है, उसके साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है – असल में, यह तो ठीक इसका उल्टा है! बातचीत एक व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है, और मैंने अपने प्रतिनिधियों को बता दिया है कि वे किसी डील को लेकर जल्दबाजी न करें, क्योंकि समय हमारे पक्ष में है। जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता, उसे प्रमाणित नहीं कर दिया जाता और उस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी।”

दोनों पक्ष ले समय- ट्रंप

उन्होंने आगे लिखा, “दोनों पक्षों को अपना समय लेना चाहिए और सब कुछ ठीक से करना चाहिए। कोई गलती नहीं होनी चाहिए! ईरान के साथ हमारे संबंध अब कहीं अधिक पेशेवर और फलदायी होते जा रहे हैं। हालांकि, उन्हें यह समझना होगा कि वे कोई भी न्यूक्लियर हथियार या बम न तो बना सकते हैं और न ही हासिल कर सकते हैं। मैं अब तक, मिडिल ईस्ट के सभी देशों को उनके समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा; यह समर्थन और सहयोग तब और भी ज़्यादा बढ़ेगा और मज़बूत होगा जब वे ऐतिहासिक ‘अब्राहम अकॉर्ड्स’ (Abraham Accords) में शामिल देशों के साथ जुड़ेंगे – और कौन जाने, शायद ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान’ भी इसमें शामिल होना चाहे।”

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर काफी हद तक बातचीत हो चुकी है। जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है। ट्रंप के अनुसार, औपचारिक घोषणा से पहले समझौते के अंतिम विवरण पर चर्चा चल रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें