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रास्ते में जहां खड़े थे पांच राफेल लड़ाकू विमान और भारतीय पायलट, ईरान ने वहां दागीं दनादन कई मिसाइल

ईरानी मिसाइलों की मौजूदगी के बाद भारतीय पायलटों से सुरक्षित स्थानों पर छिपने के लिए कहा गया।

aircraft carrierयूएस सेंट्रल कमांड ने ईरानी मिसाइल टेस्टिंग की पुष्टि की और कहा कि तेहरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास कई मिसाइलें दागी। (AP)

अमेरिका से तनातनी और भारत से कथित तौर पर दूर होने की रिपोर्ट के बीच ईरान ने मंगलवार (28 जुलाई, 2020) को संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी स्थित अल-धाफ्रा एयर बेस के पास समुद्र में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरानी मिसाइल टेस्टिंग के बाद पूरे फ्रांसीसी एयर बेस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अल-धाफ्रा आज भारत आ रहे पांच राफेल फाइटर जेट खड़े थे और भारतीय पायलट भी वहां मौजूद थे। रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्र में ईरानी मिसाइलों की मौजूदगी के बाद भारतीय पायलटों से सुरक्षित स्थानों पर छिपने के लिए कहा गया।

यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरानी मिसाइल टेस्टिंग की पुष्टि की और कहा कि तेहरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास कई मिसाइलें दागी। बताया जाता है कि ईरान की मिसाइलों ने खाड़ी में स्थित अमेरिकी और फ्रांसीसी सैन्य ठिकानों के पास मिसाइल परीक्षण किया। रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम तीन मिसाइलें समुद्र के अंदर गिराई गईं। मालूम चला है कि ईरान इस इलाके में सैन्य अभ्यास कर रहा है। इधर अमेरिका और फ्रांस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि बुधवार दोपहर पांच राफेल विमान अंबाला पहुंचेगे और भारतीय वायुसेना में शामिल होंगे। वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने बताया कि रणनीतिक और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अंबाला एयरबेस राफेल विमान पहुंचेंगे। राफेल विमान भारत द्वारा पिछले दो दशक से अधिक समय में लड़ाकू विमानों की पहली बड़ी खरीद है। इन विमानों के आने से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता में महत्वपूर्ण रूप से बढ़ोत्तरी होगी।

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भारत ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपए का सौदा किया था। छह राफेल प्रशिक्षु विमानों की पूंछ पर आरबी श्रृंखला की संख्या अंकित होगी। आरबी एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के नाम के पहले और अंतिम शब्द का संक्षिप्त रूप होगा। उन्होंने इस सौदे में मुख्य वार्ताकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अधिकारियों ने बताया कि इन विमानों में तीन एक सीट वाले और दो विमान दो सीट वाले होंगे। इन विमानों को बुधवार दोपहर में भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन नम्बर 17 में शामिल किया जाएगा, जिसे ”गोल्डन एरोज” के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, इन विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल करने के लिए मध्य अगस्त के आसपास समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। (एजेंसी इनपुट)

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