Iran-Israel War: अमेरिका-इजरायल द्वारा किए गए हमलों के चलते ईरान में गूंजे धमाकों ने पश्चिम एशिया को एक बार फिर युद्ध में झोंक दिया है। इन के संयुक्त हमलों के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ सैन्य दबाव है या ईरान में सत्ता परिवर्तन की शुरुआत। इन हमलों के पैमाने से आपको क्या संकेत मिलता है?
अमेरिका और इजरायल के इन बड़े हमलों और क्षेत्र में कई हफ्तों से तैनात जहाजों तथा कुछ सैनिकों के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक और हमले हो सकते हैं। शुरुआत में वे उस पारंपरिक रणनीति को अपनाएंगे जिसमें सेना के कमांड और नियंत्रण प्रणाली यानी सैन्य नियंत्रण के मुख्य केंद्रों को निशाना बनाया जाता है।
सत्ता परिवर्तन करना आसान नहीं होगा
मीडिया में आ रही खबरों से हमें पहले ही पता लग गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के आवास पर हमला किया गया है। सत्ता परिवर्तन करना आसान नहीं होगा। ट्रंप ने ईरानी जनता से सरकार को गिराने की अपील की है लेकिन यह बहुत कठिन काम है। बिना हथियारों के लोग उस शासन को मुश्किल गिरा पाएंगे जो बहुत कड़े नियंत्रण में है और जिसके पास भारी हथियार हैं।
एक अहम बात यह है कि इस क्षेत्र में अमेरिका का इतिहास इस मामले में अच्छा नहीं रहा है। 1990-91 के खाड़ी युद्ध के दौरान अमेरिका ने इराकी जनता को विद्रोह के लिए प्रेरित किया था लेकिन बाद में उसने बगदाद पर हमला न करने का फैसला लिया और वहीं रुक गया था।
खामेनेई ने अंतिम सांस तक ईरान के लिए झोंकी ताकत
खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में दशकों तक धार्मिक सत्ता स्थापित करने और देश को एक क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने का प्रयास किया। उनका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजराइल और अमेरिका के साथ टकराव रहा तथा उन पर देश में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को कुचलने के भी आरोप लगे। इजराइल और अमेरिका के हमले में खामनेई मारे गए हैं।
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की 1989 में मृत्यु के बाद खामेनेई ने सत्ता संभाला और इस्लामी गणराज्य को पूरी तरह से नया रूप दिया। खोमैनी एक जोशीले और करिश्माई विचारक थे जिन्होंने शाह को सत्ता से बेदखल कर शिया मुस्लिम धर्मगुरुओं का शासन स्थापित किया।
यह भी पढ़ें: शांति का वादा और भीषण युद्ध का इरादा, खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सरकार बदलने का मकसद

इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने ऐलान किया है, कि अब अमेरिका और इजरायल पर अब तक का सबसे शक्तिशाली हमला करेगा। इसके साथ ही ये संकेत मिलने लगे हैं, कि मिडिल ईस्ट में एक बार फिर अमेरिका एक बड़े युद्ध में उतर चुके हैं। ये अमेरिका युद्ध में उतरता है तो निश्चित तौर पर ट्रंप की कथनी और करनी का अंतर स्पष्ट हो जाएगा। पढ़िए पूरी खबर…
