ईरान के साथ जारी युद्ध के पांचवें दिन अमेरिका ने साफ किया है कि उसने मध्य पूर्व में तैनात अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी है। अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने पेंटागन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए हर संसाधन और हर क्षमता का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि हर ड्रोन या मिसाइल हमले को पूरी तरह रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमला शुरू करने से पहले अधिकतम सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, लेकिन 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।

इसी बीच पेंटागन ने जानकारी दी कि अब तक इस संघर्ष में छह अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में मरने वालों की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने पहले ही संकेत दिया था कि यह जंग लंबी चल सकती है और आगे भी अमेरिकी सैनिक हताहत हो सकते हैं।

अमेरिका बोला- ईरान उसे थका नहीं सकता है

हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका इस सैन्य अभियान में निर्णायक बढ़त बनाए हुए है और ईरान के हवाई क्षेत्र पर तेजी से नियंत्रण स्थापित कर रहा है। उनका कहना था कि अमेरिका जितना समय जरूरी होगा, उतना समय लेगा और ईरान उसे थका नहीं सकता। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका “निर्णायक, तबाही मचाने वाले और बिना किसी रियायत के” आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि और लड़ाकू विमान और बमवर्षक जल्द ही इस क्षेत्र में पहुंचेंगे।

जंग के पांचवें दिन एक अहम सैन्य कार्रवाई भी हुई। मंगलवार रात एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो दागकर ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को डुबो दिया। हेगसेथ ने कहा कि यह जहाज अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में खुद को सुरक्षित समझ रहा था, लेकिन उसे निशाना बना लिया गया। यह जहाज ईरान के नए युद्धपोतों में से एक था। श्रीलंका ने बताया कि उसके दक्षिणी तट के पास जहाज से संकट संदेश मिलने के बाद उसकी नौसेना और वायुसेना ने 180 में से 32 लोगों को बचा लिया। हेगसेथ के मुताबिक, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहला मौका है जब किसी दुश्मन के जहाज को इस तरह अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबोया है।

उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि जंग की शुरुआत के मुकाबले अब ईरान कम मिसाइलें दाग रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के लगातार हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है।

जंग कितने समय तक चलेगी, इस पर हेगसेथ ने कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी। उन्होंने कहा कि यह चार हफ्ते भी चल सकती है, छह या आठ हफ्ते भी, और हालात के मुताबिक इससे कम या ज्यादा समय भी लग सकता है। उनके मुताबिक, युद्ध की रफ्तार और दिशा अमेरिका तय कर रहा है और दुश्मन असंतुलित स्थिति में है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में अमेरिका ने उन्नत हथियारों का इस्तेमाल किया और अब ईरानी आसमान पर नियंत्रण स्थापित करने के बाद ग्रैविटी बम का इस्तेमाल करने की योजना है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त गोला-बारूद और संसाधन मौजूद हैं।

एक इजरायली सैन्य अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के शीर्ष अधिकारियों ने करीब तीन हफ्ते पहले हमलों की योजना बनानी शुरू कर दी थी। इस संघर्ष में अब तक ईरान में 1,000 से ज्यादा और लेबनान में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है और हजारों यात्री अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं।

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स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने एक बार फिर ईरान में अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना की और आगाह किया कि ईरान युद्ध में लाखों लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने के लिये ‘रूसी रूलेट गेम’ खेला जा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक