अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध को शुरू हुए 38 दिन हो चुके हैं। इस बीच सोमवार को ईरानी राज्य मीडिया ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खुफिया संगठन के प्रमुख माजिद खादेमी की मृत्यु की घोषणा की गई। ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख की सोमवार को एक हमले में मौत हो गई। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या कहां और कैसे हुई।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सोमवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख को मार गिराने की घोषणा की। काट्ज ने कहा, “रिवोल्यूशनरी गार्ड नागरिकों पर गोलीबारी कर रहे हैं और हम आतंकवादियों के नेताओं को खत्म कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “ईरान के नेता हमेशा निशाने पर रहने के डर से जी रहे हैं। हम उन्हें एक-एक करके मार गिराते रहेंगे।”
काट्ज़ ने यह भी बताया कि इजरायल ने ईरान के इस्पात और पेट्रोकेमिकल उद्योगों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “हम ईरान के राष्ट्रीय ढांचे को कुचलना जारी रखेंगे और आतंकवादी शासन के पतन और उसे ध्वस्त करने के साथ-साथ इजरायल पर आतंक फैलाने और हमला करने की उसकी क्षमताओं को भी खत्म करेंगे।”
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले में 25 से अधिक लोग मारे गए
सोमवार को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर सिलसिलेवार हमले किए, जिनमें 25 से अधिक लोग मारे गए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायल और उसके खाड़ी अरब पड़ोसी देशों पर मिसाइलें दागीं। ईरान की राजधानी तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक शहर की एक रिहायशी इमारत पर हुए हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी फार्स और नूर न्यूज ने बताया कि यह हमला इस्लामशहर के पास हुआ। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इस इमारत को क्यों निशाना बनाया गया।
सोमवार सुबह हुए इन हमलों की जिम्मेदारी न तो इजरायल और न ही अमेरिका ने ली है। रविवार से सोमवार के बीच ईरान में स्थानीय मीडिया और कार्यकर्ताओं ने अहवाज, बंदर लेंगह, करज और शिराज में हमलों की भी जानकारी दी। सरकारी न्यूज पेपर ईरान के अनुसार, बंदर लेंगह और कोंग में हुए हमलों में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए।
ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी तेहरान में एक अन्य हवाई हमले में एक घर को निशाना बनाया गया जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। तेहरान में सोमवार तड़के हुए कई हवाई हमलों में शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने इन हमलों और वहां इमारतों को हुए नुकसान की जानकारी दी, साथ ही परिसर के पास स्थित प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र पर भी असर पड़ने की बात कही।
ईरान से 45 दिन के सीजफायर पर चल रही बात
अमेरिका मीडिया का दावा है कि अमेरिका-ईरान के बीच 45 दिन के युद्धविराम के लिए बात चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
(इनपुट एपी)
