Iran Israel USA War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की ‘मार’ पूरी दुनिया झेल रही है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फिर कहा है कि अगर ईरान ने मंगलवार तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह युद्ध बहुत जल्दी रुक जाएगा अगर ईरान जरूरी कदम उठाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि ईरान का जवाबी प्रस्ताव महत्वपूर्ण तो था लेकिन उतना अच्छा नहीं था, जिसकी वे उम्मीद कर रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, युद्ध का सिर्फ यही मकसद है।
पाकिस्तान का सीजफायर वाला प्रस्ताव भी खारिज
पहले की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान को एक शांति योजना का मसौदा मिला है, जिसे कथित तौर पर पाकिस्तान ने तैयार किया है, ताकि पांच हफ़्ते से चल रहे इस संघर्ष को खत्म किया जा सके। पिछले हफ़्ते, तेहरान ने अमेरिका की ओर से आए 15-सूत्रीय सीज़फ़ायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। बता दें कि ट्रंप व्हाइट हाउस में आयोजित ‘ईस्टर एग रोल’ कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
ईरान ने ठुकराया सीजफायर
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ को फिर से खोलने के लिए तय की गई समय सीमा से पहले ही, पांच हफ़्ते से चल रहे संघर्ष को रोकने के लिए लाए गए सीज़फ़ायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी के हवाले से बताया कि ईरान के जवाब में दस शर्तें शामिल हैं, जिनमें इस क्षेत्र में चल रहे संघर्षों को खत्म करना, ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ से सुरक्षित गुज़रने के लिए एक प्रोटोकॉल तय करना, प्रतिबंधों को हटाना और पुनर्निर्माण कार्य शामिल हैं।
होर्मुज खोलने को लेकर दबाव बना रहे ट्रंप
ट्रंप लगातार तेहरान पर ‘होर्मुज़’ को फिर से खोलने का दबाव बना रहे हैं, और उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे ईरान की ऊर्जा सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकते हैं। उन्होंने इसके लिए मंगलवार रात 8:00 बजे, यानी भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे होगा।
यह एक संकरा समुद्री मार्ग है, जहां से युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया भर की कुल ऊर्जा आपूर्ति का पाँचवाँ हिस्सा गुज़रता था। 28 फ़रवरी को अमेरिका और इज़रायल द्वारा किए गए हमले के बाद, ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया था, जिसके चलते दुनिया भर में ऊर्जा का संकट पैदा हो गया।
यह भी पढ़ें: ईरान से 45 दिन के सीजफायर पर चल रही बात
अमेरिका मीडिया का दावा है कि अमेरिका-ईरान के बीच 45 दिन के युद्धविराम के लिए बात चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
