लेबनान में ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिजबुल्ला के खिलाफ इजरायल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर बंद कर दिया। इस बीच, अमेरिका ने ईरान से इस जलमार्ग को फिर से खोलने की मांग की। लेबनान पर इजरायली हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई से यह संदेह पैदा हो गया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम समझौता बरकरार रह पाएगा या नहीं। इस बीच, व्हाइट हाउस ने कहा कि उपराष्ट्रपति वेंस पाकिस्तान में युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से होने वाली वार्ता में अमेरिकी वार्ता दल का नेतृत्व करेंगे।
व्हाइट हाउस ने पत्रकारों को बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ स्थायी शांति समझौते पर बातचीत करने के लिए पाकिस्तान में एक प्रतिनिधिमंडल भेज रहे हैं, जिसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि वार्ता का पहला दौर शनिवार को होगा। ट्रंप अपने मिडिल ईस्ट राज दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर को भी वार्ता में भाग लेने के लिए इस्लामाबाद भेजेंगे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की ओर से ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर के करने की उम्मीद है।
अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद जाएगा
बुधवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा, “मैं यह घोषणा कर सकती हूं कि राष्ट्रपति अपने वार्ता दल को जिसका नेतृत्व संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत विटकॉफ और कुशनर कर रहे हैं, इस वीकेंड वार्ता के लिए इस्लामाबाद भेज रहे हैं।” जब पत्रकारों ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम में वेंस की भूमिका के बारे में पूछा तो लेविट ने कहा कि उपराष्ट्रपति की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है और वह सभी चर्चाओं में शामिल रहे हैं।
ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते की तीन शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया
ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते की अपनी तीन शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया। इस बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया जाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने इस जलमार्ग को फिर से खोले जाने की राष्ट्रपति ट्रंप की मांग को दोहराया। अमेरिका और ईरान, दोनों ने युद्धविराम समझौते को अपनी-अपनी जीत बताया।
वहीं, पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता से पहले राजधानी में बुधवार को दो दिन की छुट्टी की घोषणा की। उपायुक्त इरफान नवाज मेमन ने बताया कि इस्लामाबाद जिला प्रशासन ने 9 और 10 अप्रैल को राजधानी में अवकाश घोषित किया है।
युद्धविराम के बाद नया दौर, तेल, गैस और वैश्विक बाजार पर असर की भविष्यवाणी
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शांति की राह खुलने से एक नई उम्मीद जगी है। ऐसे संकेत दिए जा रहे हैं कि शुक्रवार से इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर वार्ता शुरू हो सकती है। इस फैसले से दुनिया के उन देशों को भी फिलहाल राहत महसूस हो रही है, जिनका इस युद्ध से सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं हैं लेकिन होर्मुज जलमार्ग बाधित होने से उनके यहां तेल और गैस का संकट पैदा हो गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
