Iran-Israel, USA War: पश्चिम एशिया में युद्ध के 39वें दिन ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच एक बड़ा तनाव हो गया है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने की डेडलाइन खत्म होने से पहले ट्रंप ने एक और आक्रामक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की पूरी सभ्यता को बर्बाद कर देगा।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।” ट्रंप का आक्रामक रुख ये संकेत देता है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में विफल रहने पर ईरानी नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की उनकी पिछली धमकियों के तहत ईरान पर बड़े हमले कर सकता है।
ट्रंप कर रहे ईरानी सभ्यता के खात्मे की बात
अपने बयान में ट्रंप ने आगे कहा, “मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन शायद ऐसा ही होगा।” ट्रंप लगातार ईरान को नेस्तानाबूद करने की धमकियां दे रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी तेहरान द्वारा अमेरिका के साथ पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम को खारिज करने के बाद आई है, जो मौजूदा तनाव के बीच उसके कड़े रुख को दर्शाती है।
ट्रंप ने कहा, “आज रात हमें पता चलेगा, विश्व के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा। 47 वर्षों की जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और मौत का अंततः अंत होगा। ईरान के महान लोगों पर ईश्वर की कृपा बनी रहे!” ईरान के लिए ट्रंप द्वारा निर्धारित समय सीमा मंगलवार शाम 8:00 बजे पूर्वी समय (बुधवार, सुबह 5:30 बजे भारतीय समय) है।
खार्ग द्वीप पर हमले
डोनाल्ड ट्रंप के बयान से कुछ घंटे पहले अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर 50 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जो 10 मार्च के बाद से इस महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र पर पहला हमला था। यह द्वीप ईरान के तट से महज 30 किलोमीटर दूर स्थित है और देश के 90 प्रतिशत तेल निर्यात का प्रबंधन करता है। ट्रंप ने बार-बार धमकी दी है कि अगर तेहरान समझौता नहीं करता है तो वह द्वीप पर स्थित ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमला करेंगे।
बता दें कि ईरान-इजरायल युद्ध के बीच मंगलवार को भी झड़पें जारी रहीं। सऊदी अरब ने 18 ड्रोन हमलों की बात कही है और जॉर्डन के तटीय शहर अकाबा में शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
युद्धविराम की क्या है स्थिति?
सोमवार को तेहरान ने कथित तौर पर पाकिस्तान द्वारा तैयार किए गए युद्ध विराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया और स्थायी शांति की आवश्यकता पर जोर दिया। 10 सूत्रीय जवाबी प्रस्ताव में ईरान ने क्षेत्र में संघर्षों को समाप्त करने होर्मुज से सुरक्षित आवागमन के लिए एक प्रोटोकॉल, प्रतिबंधों को हटाने और पुनर्निर्माण की मांग की।
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के 20 प्रतिशत से अधिक का स्रोत है। सीएनएन ने रविवार को बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य से गुजरने वाले लगभग 70 प्रतिशत जहाज ईरान और उसके सहयोगियों के साथ-साथ चीन, भारत, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों के स्वामित्व में हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक, तेहरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की भी मांग कर रहा है। इससे पहले ईरान की एक संसदीय समिति ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना को मंजूरी दे दी थी। इससे पहले IRGC द्वारा प्रस्तुत एक जवाबी प्रस्ताव में, तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता को अमेरिका द्वारा मान्यता देने की मांग की थी।
अमेरिका में ट्रंप का विरोध
अमेरिका में सांसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के सदस्यों से अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन का हवाला देते हुए उन्हें पद से हटाने का आग्रह कर रहे हैं, जो राष्ट्रपति के सेवा करने में असमर्थ होने की स्थिति में सत्ता ट्रांस्फर का प्रावधान करता है। इस मामले में एरिजोना की कांग्रेसी सदस्य यासमिन अंसारी ने X पर लिखा, “ट्रंप एक विनाशकारी, अवैध युद्ध को बढ़ा रहे हैं, बड़े पैमाने पर युद्ध अपराधों की धमकी दे रहे हैं और ईरान में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। अकेले पिछले 48 घंटों में, उनकी बयानबाजी ने सारी हदें पार कर दी हैं।”
मिनेसोटा की कांग्रेस सदस्य इल्हाम उमर ने कहा, “यह ठीक नहीं है। 25वें संशोधन को लागू करो। महाभियोग चलाओ। पद से हटाओ। इस विक्षिप्त पागल को पद से हटाना ही होगा।” कुछ ऐसा ही बयान पूर्व रिपब्लिकन कांग्रेसी जो वाल्श ने भी दिया। उन्होंने भी ट्रंप को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा, “वह हमेशा इस देश और दुनिया पर एक धब्बा रहेंगे। 25वां संशोधन लागू हो। यह काम अभी होना चाहिए!”
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Iran-Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शांति वार्ता के लिए तय की गई डेडलाइन खत्म होने वाली है और ईरान बातचीत करने को तैयार नहीं है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हुई है कि अमेरिका का अगला कदम क्या होगा? सवाल यह भी है कि क्या अमेरिका ईरान पर परमाणु हमला भी करेगा? पढ़िए पूरी खबर…
