ईरान ने दो भारतीय टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी है। ये दोनों टैंकर एलपीजी गैस लेकर आ रहे हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। अमेरिका और इजरायल द्वारा हमले शुरू करने और ईरान की जवाबी कार्रवाई के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं।

भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ANI से कहा था कि तनाव के बाद भी ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं किया है हालांकि, मौजूदा हालात के कारण जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नहीं गुजर पा रहे हैं।

इलाही ने कहा था कि ईरान कभी नहीं चाहता था कि यह बंद या ब्लॉक हो और कुछ जहाज अभी भी गुजर रहे हैं।

भारतीय ध्वज वाले 28 जहाजों में से एक रवाना

दूसरी ओर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय झंडे वाले 28 जहाजों में से एक जहाज सुरक्षित रवाना हो गया है। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि ओमान से अफ्रीका के लिए गैसोलीन ले जा रहा भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग प्रकाश’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्व से रवाना हो गया है।

राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि भारतीय झंडे वाले कुल 28 जहाज फंसे हुए थे, जिनमें से 24 स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में और चार पूर्व में फंसे हुए थे। उन्होंने बताया कि पूर्वी तट पर मौजूद चार जहाजों में से एक ‘जग प्रकाश’ रवाना हो चुका है और यह जहाज अफ्रीका के लिए ईंधन ले जा रहा है।

जहाज ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, जहाज ओमान के सोहार बंदरगाह से गैसोलीन भर रहा था और तंजानिया के तंगा की ओर जा रहा था। इसके 21 मार्च को तंगा पहुंचने की उम्मीद है। सिन्हा ने बताया, “तीन जहाज पूर्वी तट पर फंसे हुए हैं, जिनपर 76 नाविक सवार हैं।”

शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव सिन्हा ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक व्यापारिक, बंदरगाह और तट से सटे हुए जहाजों पर काम कर रहे हैं और शिपिंग विभाग के महानिदेशक जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ संपर्क में हैं।

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पश्चिम एशिया में तनाव के बीच Strait of Hormuz की चर्चा लगातार हो रही है क्योंकि इसे दुनिया का सबसे अहम तेल परिवहन मार्ग (Oil Shipping Route) माना जाता है लेकिन इसके अलावा भी कई समुद्री रास्ते हैं जिनसे भारत को कच्चा तेल मिलता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।