अमेरिका के ताजा हमलों के बाद अब ईरान ने होर्मुज जलमार्ग को लेकर नई लक्ष्मण रेखा खींच दी है। ईरानी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलमार्ग के इंचार्ज अब वो हैं और इस जलमार्ग से जहाजों के आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए जिम्मेदार हैं।

इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेनाओं को ईरान में कथित सीजफायर उल्लंघन के खिलाफ नए हमले शुरू करने का निर्देश दिया है।

अमेरिका-ईरान जंग को चार महीने पूरे

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जंग को आज चार महीने पूरे हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच हमले के इस नए दौर ने दोनों देशों के बीच हुए नाजुक अंतरिम शांति समझौते को खतरे में डाल दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि इस बार का हमला ऐसा होगा कि ईरान का अस्तित्व ही नहीं रहेगा।

ईरान ने किया जवाबी हमला

न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को ईरान ने कुवैत और बहरीन पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। इससे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में ईरानी सेना के 10 ठिकानों को निशाना बनाते हुए एयर स्ट्राइक का दूसरा दौर चलाया था।

ईरान ने धमकी दी कि अगर इस जलमार्ग में कथित तौर पर सीजफायर का उल्लंघन जारी रहा, तो जंग खत्म करने के लिए चल रही बातचीत को पूरी तरह रोक दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि जल्द ही ऐसा समय आ सकता है जब वे इस्लामिक रिपब्लिक के साथ बातचीत छोड़ देंगे और अमेरिका सैन्य तरीके से काम पूरा करेगा।

एक बयान में, US सेंट्रल कमांड ने कहा कि शनिवार को ओमान के तट पर एक जहाज पर हमले के बाद उन्होंने ईरानी सेना के निगरानी इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस साइट, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी और माइन-लेयरिंग क्षमताओं पर हमला किया।

न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, ईरानी सेना ने जिस जहाज पर हमला किया, वह पनामा के झंडे वाला टैंकर ‘किकू’ था, जो कतर की एक सरकारी कंपनी के लिए कच्चा तेल ले जा रहा था।

खाड़ी देशों में ढांचों को नुकसान

बहरीन के गृह मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ईरान के हमलों से एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा, लेकिन हमले में किसी की मौत नहीं हुई। वहीं, कुवैत ने कहा कि उसने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका और इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। कुवैत में अमेरिकी सेना का एक बड़ा बेस है।

कब खुलेगा होर्मुज?

होर्मुज़ जलमार्ग को फिर से खोलने की अपनी योजना के बारे में बताते हुए, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने की जिम्मेदारी केवल तेहरान की है।

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अरागची ने कहा, “समझौता ज्ञापन के अनुसार, ईरान द्वारा अपनाए जाने वाले प्रबंधन और इस्लामिक रिपब्लिक द्वारा बाधाओं को दूर करने के बाद, यह जलमार्ग 30 दिनों के भीतर जंग से पहले की स्थिति में लौट आएगा।”

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अमेरिका ने शुक्रवार को फिर से ईरान पर हमला कर दिया। एक दिन पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कमर्शियल जहाज़ों पर ड्रोन दागे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे सीजफ़ायर एग्रीमेंट का सीधा उल्लंघन बताया था। अधिकारियों ने CNN और न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि यह ऑपरेशन लगभग 90 मिनट तक चला और इसमें चार जगहों पर हमला हुआ। हमले तीन तट के किनारे और एक फारस की खाड़ी में केशम आइलैंड पर किया गया। हमले को F-35 और F-16 से किया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें