ईरान और ओमान के बीच एक प्रस्तावित डील से ईरान को होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) से खाड़ी में आने वाले जहाजों पर नियंत्रण मिल सकता है। रॉयटर्स से बुधवार को ईरान के एक सीनियर सूत्र और क्षेत्र के दो अन्य अधिकारियों ने बात की।

उन्होंने बताया, यह ईरान को अब तक मिली सबसे अहम रियायतों में से एक है। ईरान की मांगों को मानने की दिशा में स्पष्ट बदलाव के बावजूद, सूत्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि रणनीतिक रास्ते को फिर से खोलने का समझौता जल्द ही होने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी अहम विवरणों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

एक सूत्र ने रॉयटर्स से कहा, “होर्मुज पर किसी तरह के कंट्रोल को लेकर पहले ही रियायत दी जा चुकी है।” इस बीच, बुधवार को तेल की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। यह बढ़ोतरी यमन में ईरान के समर्थक हूती विद्रोहियों के उस ऐलान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के झंडे वाले एक टैंकर पर हमला किया है। यह पश्चिम एशिया में ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट डालने वाला हालिया हमला था। हालांकि, ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतें जुलाई की शुरुआत के बाद से अपने सबसे निचले स्तर के करीब बनी हुई हैं।

पिछले दो दिनों में कीमतों में भारी गिरावट आई है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नई बातचीत का हवाला देते हुए नए हमले रोक दिए थे। ट्रंप ने दावा किया था कि इससे दोनों देशों का विवाद खत्म हो सकता है।

ओमान के जरिए बात कर रहे अमेरिका और ईरान

ईरान और अमेरिका के बीच सीधे डिप्लोमैटिक चैनल न होने के कारण, ईरान ओमान के जरिए बातचीत कर रहा है, इस जलमार्ग के एक तरफ के तट पर ईरान का कंट्रोल है तो दूसरी ओर ओमान का कंट्रोल है। ईरान ने पिछले हफ्ते ओमान के एक पुराने प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि उसमें ईरान की भागीदारी बहुत कम थी।

बातचीत अच्छी बढ़ रही- ट्रंप

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और मंगलवार को पूरे दिन बातचीत हुई। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा, “होर्मुज जलमार्ग बहुत जल्द खुलने वाला है,” अगर वे फिर से पीछे हटते हैं, तो उन्हें वास्तव में भारी नुकसान होने वाला है।

ट्रंप कर रहे घरेलू दबाव का सामना

संघर्ष से पहले, होर्मुज जलमार्ग बिना किसी शुल्क के सभी समुद्री यातायात के लिए स्वतंत्र रूप से खुला था। हालाँकि, ट्रंप ने भी शुरू में घोषणा की थी कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ईरान के बिना शर्त आत्मसमर्पण के साथ समाप्त होगा। लेकिन उन्हें अब इस संघर्ष से बाहर निकलने के लिए बढ़ते घरेलू दबाव का सामना करना पड़ रहा है। एक सर्वे से पता चला है कि अमेरिकी वोटर दो-एक के अंतर से इसका विरोध कर रहे हैं।

समय-समय पर अमेरिकी सेना को ईरान और उसके क्षेत्रीय प्रतिनिधियों का लगातार सामना करना पड़ता है, जिसमें हूती लड़ाके भी शामिल हैं हुतियों का यमन के अधिकांश हिस्से को नियंत्रण है और वे लाल सागर के मुहाने पर शिपिंग चोकपॉइंट की निगरानी रख रहे हैं।

हूतियों ने सऊदी अरब के टैंकर को बनाया निशाना

बुधवार को हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के एक टैंकर पर फिर से हमला किया है। वे ऐसा सऊदी अरब के पेट्रोलियम एक्सपोर्ट को रोकने की कोशिश में कर रहे हैं, जिसके लिए सऊदी अरब होर्मुज के आसपास के वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करता है।

भारत का जहाज भी डूबा

वहीं, भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि मंगलवार को यमन के पास एक हमले में भारतीय झंडे वाला एक जहाज डूब गया। जहाज पर मौजूद सभी 14 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया; इनमें से 13 भारतीय नागरिक थे। दक्षिण में स्थित यमन की सरकार, ने इस हमले के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। दक्षिण स्थित यमन सरकार हूती विद्रोहियों का विरोध करती है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव और संभावित बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की दिशा में ‘काफी प्रगति’ हुई है और अगले 48 घंटों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने खुद अमेरिका से बातचीत की इच्छा जताई है और यदि तेहरान समझौता करता है तो यह उसके लिए ‘बहुत समझदारी भरा कदम’ होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें