Israel-Iran Conflict News: अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है। साथ ही इन हमलों में उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं। खामेनेई की बेटी, पोता, दामाद और बहू की मौत हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत का दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई की मौत हो गई है। वह हमारे इंटेलिजेंस और बहुत एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाया और इजरायल के साथ मिलकर काम करते हुए, वो या उसके साथ मारे गए दूसरे नेता कुछ भी नहीं कर सके। ईरानी लोगों के लिए अपना देश वापस लेने का यह सबसे बड़ा मौका है। हम सुन रहे हैं कि उनके कई IRGC, मिलिट्री और दूसरी सिक्योरिटी और पुलिस फोर्स अब लड़ना नहीं चाहते और हमसे इम्युनिटी चाहते हैं। जैसा कि मैंने कल रात कहा था, ‘अभी उन्हें इम्यूनिटी मिल सकती है, बाद में उन्हें सिर्फ मौत मिलेगी!”
राष्ट्रपति ने आगे लिखा, “उम्मीद है कि IRGC और पुलिस शांति से ईरानी देशभक्त के साथ मिल जाएंगे और देश को उस महानता पर वापस लाने के लिए एक यूनिट के तौर पर मिलकर काम करेंगे जिसका वह हकदार है। यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जानी चाहिए क्योंकि न सिर्फ खामेनेई की मौत हुई है बल्कि देश सिर्फ एक दिन में पूरी तरह बर्बाद हो गया है और यहां तक कि पूरी तरह खत्म हो गया है। भारी और सटीक बमबारी पूरे हफ़्ते बिना रुके जारी रहेगी, या जब तक मिडिल ईस्ट और असल में पूरी दुनिया में शांति के हमारे मकसद को पाने के लिए जरूरी होगा।”
ईरान के सात वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए
इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और इसमें उसके सात वरिष्ठ अधिकारी मारे गए हैं। जिन अधिकारियों को मारा गया है, उनमें अली शामखानी, मोहम्मद पाकपुर, सालेह असदी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नासिरजादेह, होसैन जबल अमेलियन, रेजा मोजाफरी-निया शामिल है। आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “आईएएफ लड़ाकू विमानों ने ईरान भर में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसमें ईरानी रक्षा नेतृत्व के 7 वरिष्ठ अधिकारी मारे गए: अली शमखानी, मोहम्मद पाकपुर, सालेह असादी, मोहम्मद शिराज़ी, अज़ीज़ नासिरज़ादेह, हुसैन जबल अमेलियन और रज़ा मुज़ाफ़्फ़री-निया। उनके बिना दुनिया एक बेहतर जगह है।”
अयातुल्लाह अली खामेनेई कौन थे?
अयातुल्लाह अली खामेनेई का जन्म 1939 में उत्तरी ईरानी शहर मशहद में हुआ था। वे अपने पिता के नेतृत्व वाले एक साधारण परिवार में आठ बच्चों में से दूसरे थे। खामेनेई ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए 1958 से 1964 तक क़ोम में धार्मिक अध्ययन किया और फिर 1962 में ईरान के शाह के खिलाफ अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के आंदोलन में शामिल हो गए। शाह के शासनकाल में कई बार जेल में डाले जाने के बाद, खामेनेई 1979 की क्रांति में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे। उन्होंने 1981 से 1989 तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया और ईरान-इराक युद्ध के दौरान ईरान का नेतृत्व किया। इसके बाद वे खुमैनी के उत्तराधिकारी के रूप में सर्वोच्च नेता बने।
जब उन्हें ईरान का सर्वोच्च नेता बनाया गया तो संविधान में संशोधन किया गया। लेकिन उनका रास्ता आसान नहीं था और 1997 में जब मोहम्मद खातमी राष्ट्रपति बने तो उन्होंने सुधारों की वकालत की और इससे खामेनेई के लिए हालात और कठिन हो गए। राजनीतिक वैज्ञानिक क्जेटिल सेलविक अपनी किताब Dictators and Autocrats: Securing Power across Global Politics (2021) में लिखते हैं, “खामेनेई को तब अपनी क्रांतिकारी सत्ता स्थापित करनी पड़ी जब क्रांति के नारे कमजोर पड़ रहे थे।”
सत्ता संभालते ही खामेनेई ने इस्लामिक गणराज्य की नीतियों का निर्धारण किया और सशस्त्र बलों का नेतृत्व भी किया। खोमैनी की तरह वह भी अमेरिका और इजरायल के विरोधी रहे हैं। उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में इस्लाम को लागू किया। वह न सिर्फ अधिकारियों बल्कि आम लोगों को भी इस्लाम को लेकर उपदेश देते हैं और तमाम मीडिया चैनल, मस्जिद, धार्मिक मदरसों के प्रचारक भी इस मामले में उनका अनुसरण करते हैं।
