ईरान-अमेरिका के बीच बुधवार (9 अप्रैल 2026) को सीज़फायर की घोषणा हुई। सीज़फायर के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि लेबनान में इज़रायल के हमलों में 182 लोगों की मौत हो गई। इज़रायली स्ट्राइक के बाद ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है।
अमेरिका और इज़रायल ने दावा किया कि लेबनान इस दो हफ्ते का सीज़फायर समझौते का हिस्सा नहीं था। ईरान के साथ युद्धविराम पर डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय की गई समयसीमा से ठीक पहले सहमति बनी थी।
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ द्वारा साझा की गई एक पोस्ट को शेयर किया। इस पोस्ट में कहा गया था कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा था।
युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन कर रहा इज़रायल
ईरान ने लेबनान पर इज़रायली हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को बंद कर दिया है। ईरान का कहना है कि बेरूत पर हमले जारी रखकर तेल अवीव युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है।
लेबनान की सिविल डिफेंस के अनुसार, बुधवार (9 अप्रैल 2026) को देशभर में इज़रायली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 254 हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले PBS News Hour से कहा था कि लेबनान इस समझौते में शामिल नहीं था क्योंकि वहां हिज़्बुल्लाह जैसे उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं। बेरूत पर इज़रायल के ताज़ा हमलों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ”यह एक अलग मामला है।”
वहीं, इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने कहा था कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ यह सीज़फायर समझौता, ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के खिलाफ चल रही जंग पर लागू नहीं होता। हालांकि, मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि इस प्रस्ताव में लेबनान भी शामिल था।
‘हिज़्बुल्लाह पर हमले जारी रखेगा इज़रायल’
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि वॉशिंगटन-तेल अवीव और तेहरान के बीच हुए सीज़फायर में ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ”ईरान के साथ सीज़फायर में हिज़्बुल्लाह शामिल नहीं होगा। हम हिज़्बुल्लाह पर हमले जारी रखेंगे।”
वहीं, नेतन्याहू के इस रुख के उलट ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने X (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान-अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीज़फायर की शर्तें ‘स्पष्ट और साफ’ हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को तय करना होगा कि सीज़फायर या ‘इज़रायल के जरिए जारी युद्ध’ दोनों एक साथ नहीं चल सकते।
अपने पोस्ट में अरागची ने लिखा, ”ईरान-अमेरिका सीज़फायर की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं। अमेरिका को चुनना होगा- सीज़फायर या इज़रायल के जरिए जारी युद्ध। वह दोनों नहीं रख सकता। लेबनान में हो रहे नरसंहार को पूरी दुनिया देख रही है। अब गेंद अमेरिका के पाले में है और दुनिया देख रही है कि वह अपने वादों पर कितना कायम रहता है।”
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लेबनान में ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिजबुल्ला के खिलाफ इजरायल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर बंद कर दिया। इस बीच, अमेरिका ने ईरान से इस जलमार्ग को फिर से खोलने की मांग की। लेबनान पर इजरायली हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई से यह संदेह पैदा हो गया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम समझौता बरकरार रह पाएगा या नहीं। इस बीच, व्हाइट हाउस ने कहा कि उपराष्ट्रपति वेंस पाकिस्तान में युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से होने वाली वार्ता में अमेरिकी वार्ता दल का नेतृत्व करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
