Ayatollah Khamenei Funeral: इजरायली और अमेरिकी हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को सम्मान के साथ 6 जुलाई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने हैं। अब भारत में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अयातुल्ला हकीम इलाही ने कहा है कि गंभीर सुरक्षा चिंताओं के कारण मोजतबा खामेनेई पिता के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से उपस्थित होने की संभावना काफी कम है।
दरअसल, इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में अयातुल्ला हकीम इलाही ने कहा कि यह निर्णय सुरक्षा चिंताओं से प्रेरित था क्योंकि राजकीय अंत्येष्टि से पहले इजरायल के साथ तनाव अभी बना हुआ है। इलाही ने कहा, “मैं पिछले हफ्ते ईरान में था और वहां अपने कुछ दोस्तों से मिला, जो उनसे (खामेनेई) मिले थे। उन्होंने बताया कि वह बाहर आना चाहते हैं। वह लोगों से मिलना चाहते हैं लेकिन सुरक्षा एजेंसियां उन्हें आने की इजाजत नहीं दे रही है।”
हकीम इलाही ने सुरक्षा को बताया मुख्य मुद्दा
हकीम इलाही ने कहा, “सुरक्षा एजेंसियों ने उनसे कहा है कि यह बहुत खतरनाक है और हम उन्हें सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि वह बाहर नहीं आएगा।” ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब दुनिया भर से हजारों शोक संतप्त और गणमान्य लोग अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं।
गौरतलब है कि ईरान और इज़राइल-अमेरिका के बीच संघर्ष कम होने के बाद अब खामेनेई का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में ताबड़तोड़ हमले किए थे, जिसमें ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
शोक में है पूरा ईरान
ईरान के माहौल का वर्णन करते हुए इलाही ने कहा कि सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद से देश शोक में डूबा हुआ है और उनके समर्थक इस क्षति को अपूरणीय मानते हैं। उन्होंने कहा, “यह उनके लिए बहुत बड़ा नुकसान है। उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी आत्मा, अपना हौसला खो दिया है। उन्हें विश्वास है कि उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।”
इलाही ने कहा कि ईरान और अन्य देशों के लोग दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने और उनकी विरासत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए एकत्र हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी एकजुटता दिखाने और यह कहने आ रहे हैं कि हम आपके साथ हैं, हम आपको कभी नहीं भूलेंगे और हम आपके मार्ग का अनुसरण करेंगे।
इजरायल की धमकियों पर की अहम टिप्पणी
ईरान के खिलाफ इजरायल की नई सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बारे में पूछे जाने प उन्होंने कहा कि हालिया संघर्ष से देश और भी मजबूत होकर उभरा है। उन्होंने कहा कि कई देश ईरान की प्रशंसा कर रहे थे और कह रहे थे कि ईरान ने युद्ध जीत लिया है। ईरान अभी भी बहुत मजबूत है और डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक का अनुरोध किया है। वहीं, दूसरी ओर ईरान के एक शीर्ष वार्ताकार ने कहा कि फारस की खाड़ी में हुए हालिया हमले के बाद आगे वार्ता का कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं किया गया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बैठक मंगलवार को कतर के दोहा में होगी लेकिन ईरान के वरिष्ठ वार्ताकार काजिम ने वार्ता का कोई कार्यक्रम निर्धारित होने से इनकार किया है। पढ़िए पूरी खबर…
