ईरान की राजधानी तेहरान में शुक्रवार को ऐसा भावुक मंजर देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम कर दीं। दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई देते समय विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। दोनों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
इस भावुक पल का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समारोह में मौजूद कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की आंखें भी नम दिखीं। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि समारोह में देश के शीर्ष नेता, सैन्य अधिकारी और हजारों लोग शामिल हुए।
जैसे ही अयातुल्लाह अली खामेनेई के ताबूत के सामने दुआ पढ़ी गई, अराघची और गालिबाफ भावुक हो गए। दोनों ने आंसू पोंछने की कोशिश की, लेकिन अपने नेता के प्रति सम्मान, लगाव और श्रद्धा उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी।
समारोह के दौरान जारी तस्वीरों और वीडियो में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई वरिष्ठ नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते देखा गया। सैन्य अधिकारियों ने सलामी दी, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने सिर झुकाकर अपने दिवंगत नेता को अंतिम विदाई दी।
ग्रैंड मोसल्ला के भीतर और बाहर हजारों लोग काले कपड़ों में पहुंचे थे। शिया परंपरा के अनुसार कई लोग मातम करते नजर आए। कोई दुआ कर रहा था, तो कोई रो रहा था। पूरे परिसर में गम, खामोशी और भावनाओं का माहौल साफ महसूस किया जा सकता था।
अयातुल्लाह अली खामेनेई करीब 37 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे। उनकी मौत 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल संघर्ष के शुरुआती दौर में हुए हमले में हुई थी। उस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे। यही वजह है कि उनके निधन ने देश के शीर्ष नेतृत्व से लेकर आम लोगों तक को गहरे भावनात्मक रूप से प्रभावित किया।
पार्थिव शरीर तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया
आमतौर पर इस्लामी परंपरा के अनुसार किसी व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर दफनाया जाता है, लेकिन युद्ध और सुरक्षा कारणों के चलते खामेनेई का अंतिम संस्कार टाल दिया गया था। अब संघर्ष में अस्थायी विराम के बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ एक सप्ताह तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। फिलहाल उनका पार्थिव शरीर तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है।
इसके बाद अंतिम यात्रा तेहरान से कोम और फिर इराक के पवित्र शहर नजफ और करबला जाएगी। उनका अंतिम संस्कार 9 जुलाई को मशहद में इमाम रजा की दरगाह के पास किया जाएगा।
समारोह के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह देश के अब तक के सबसे बड़े सुरक्षा प्रबंधों में से एक है। वहीं, खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक समारोह में नजर नहीं आए। बताया गया कि सुरक्षा कारणों और हमले में घायल होने की वजह से उन्होंने इसमें हिस्सा नहीं लिया।
इस अंतिम विदाई समारोह में कई देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। पाकिस्तान, रूस, तुर्कमेनिस्तान और आर्मेनिया समेत कई देशों के शीर्ष नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा के नेतृत्व में आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। यह पूरा समारोह इस बात का प्रतीक बना कि अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व और आम लोगों, दोनों को गहरे स्तर पर प्रभावित किया।
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ईरान में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा वाले इस प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान में ईरानी नेता के प्रति सम्मान व्यक्त किया। हसनैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, “आज तेहरान में ग्रैंड अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटी के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही, हालिया संघर्ष में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
