ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग के पांचवें दिन में प्रवेश करने के बीच बुधवार को तेहरान में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान के सरकारी टीवी ने बताया कि सुबह के समय तेहरान के आसपास विस्फोट हुए। वहीं, इजरायल ने कहा कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण उसे अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय करना पड़ा। इस जंग में अभी तक ईरान में लगभग 800 लोग मारे जा चुके हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि यह जंग कई हफ्तों या उससे भी अधिक समय तक जारी रह सकती है।

इससे पहले इजरायल ने ईरान के मिसाइल दागने वाले ठिकानों और एक परमाणु अनुसंधान केंद्र पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और अन्य स्थानों, अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया था।

ईरान की ओर से सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर ड्रोन हमले किए गए। ईरान ने इजरायल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हालांकि उनमें से ज्यादातर को हवा में ही बेअसर कर दिया गया। युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल में 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

हिजबुल्ला ने कहा- युद्ध के लिए तैयार हैं

इजरायल ने मंगलवार को दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेजे और 80 से अधिक गांवों के लोगों को निकल जाने का आदेश दिया जबकि ईरान समर्थित चरमपंथी समूह हिजबुल्ला ने कहा कि वह इजरायल के साथ आमने-सामने युद्ध के लिए तैयार है। सोमवार को हिजबुल्ला ने उत्तरी इजरायल की ओर रॉकेट और ड्रोन दागे थे जिसके बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान में हवाई हमले किए और इन हमलों में 40 लोग मारे गए। हिजबुल्ला ने कहा कि उसके पास इजरायल से युद्ध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

अपने पड़ोसी देशों के साथ ईरान के रिश्ते तनावपूर्ण क्यों हैं?

अमेरिका और इजरायल के हमलों के चलते ईरान खतरे का सामना कर रहा है। वह सात देशों के साथ सीमा साझा करता है। दो पड़ोसियों को छोड़ दें तो अन्य 5 के साथ ईरान के रिश्ते काफी जटिल और तनावपूर्ण ही माने जाते हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।