ईरान और अमेरिका ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में समझौते पर अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच हुई वार्ता का भी कोई नतीजा नहीं निकला। दो सप्ताह के युद्धविराम के आधे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं सहित कई बड़े मतभेद बने हुए हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा, “पाकिस्तानी सेना प्रमुख की तेहरान यात्रा कुछ क्षेत्रों में मतभेदों को कम करने में प्रभावी रही लेकिन परमाणु क्षेत्र में मूलभूत असहमति अभी भी बनी हुई है। युद्धविराम को आगे बढ़ाने और वार्ता के दूसरे दौर के आयोजन की अधिक उम्मीदें जगी हैं।” पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बुधवार को तेहरान का दौरा किया ताकि संघर्ष को दोबारा भड़कने से रोका जा सके। पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते युद्ध की पहली शांति वार्ता की मेजबानी की थी।
ईरान और अमेरिका युद्ध समाप्त करने पर सहमत नहीं
ईरान के संवर्धित यूरेनियम का भविष्य और ईरान के परमाणु प्रतिबंधों की अवधि उन बेहद विवादित मुद्दों में से हैं जिनका अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के दूसरे दौर की तारीख अभी तय नहीं हुई है। ईरान और अमेरिका वार्ता में युद्ध को समाप्त करने पर सहमत नहीं हो पाए।
वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्धविराम के विस्तार का औपचारिक रूप से अनुरोध नहीं किया है। 7 अप्रैल को घोषित युद्धविराम फिलहाल अगले मंगलवार को समाप्त होने वाला है। उन्होंने कहा, ”इस समय हम इन वार्ताओं में पूरी तरह से लगे हुए हैं।” लेविट ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से और वार्ता करने के बारे में चर्चा जारी है लेकिन जब तक आपको ‘व्हाइट हाउस’ से इसकी सूचना नहीं मिलती, तब तक कुछ भी आधिकारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि वार्ता का अगला दौर संभवतः पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ही होगा, जैसा कि पहले हुआ था।
मुझे गले लगाने को बेताब शी जिनपिंग’, बोले ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि वे स्टेट ऑफ होर्मुज को स्थायी रूप से खोलने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने उनके इस कदम का स्वागत किया है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि चीन इस बात पर सहमत हो चुका है कि वह ईरान को हथियार सप्लाई नहीं करेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
(इनपुट- एपी, रॉयटर्स)
